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विशाल लहरों से नहीं है खतरा! कोस्टल रोड की सुरक्षा दीवार का काम ७३ फीसदी पूरा

  • बारिश में भी जारी है जोरदार काम
  •  परियोजना का ५५.२२ प्रतिशत कार्य पूर्ण

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई को यातायात की भीड़ से मुक्त करने के लिए पर्यावरण के अनुकूल  महत्वाकांक्षी कोस्टल रोड का काम मानसून के दौरान भी पहले की तरह जोरदार गति से जारी है। अरबी समुद्र की विशालकाय लहरों और ज्वार से कोस्टल रोड को सुरक्षित करने के लिए निर्माण किए जा रहे आर्मर और कोअर वॉल इन दोनों स्तर की सुरक्षा दीवारों के काम ७३ फीसदी पूरे किए जा चुके हैं। इसी तरह कुल परियोजना का काम ५५.२२ फीसदी पूरा कर लिया गया है। यह जानकारी कोस्टल रोड परियोजना के मुख्य अभियंता चक्रधर कंडलकर  ने दी।
मुंबई में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की संकल्पना और मनपा के माध्यम से प्रियदर्शनी पार्क से वर्ली सी-लिंक के बीच १०.५८ किलोमीटर का कोस्टल रोड बनाया जा रहा है। प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि इस परियोजना को दिसंबर २०२३ में मुंबईकरों की सेवा में शामिल कर दिया जाएगा।
दूसरी सुरंग के ४५० मीटर तैयार
कोस्टल रोड परियोजना के काम को वर्ष २०१८ में शुरू किया गया था। इस परियोजना को पूरा करने के लिए फिलहाल ४,५०० कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं। केवल सुरंग के लिए करीब २५० मजदूर काम कर रहे हैं। मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल और अतिरिक्त आयुक्त अश्विनी भिड़े के मार्गदर्शन में कोस्टल रोड का काम जोरों पर है। पहले दो किलोमीटर की सुरंग का काम पूरा हो चुका है। इसमें से एक किलोमीटर का क्षेत्र उपयोग के लिए उपयुक्त हो गया है, जबकि दूसरी सुरंग का काम भी जोरों पर है। मनपा प्रशासन के मुताबिक दूसरी सुरंग का अब तक ४५० मीटर का काम पूरा हो चुका है।
दोगुना होगी गटर की क्षमता
मुंबई में भारी बारिश होने पर कोस्टल रोड की ओर आनेवाले गटरों की जल वहन क्षमता बढ़ाने के लिए आयताकार (बॉक्स) और गोलाकार गटर (कल्वर्ट) का निर्माण किया गया है, जो मुंबई से कोस्टल रोड की ओर आने वाले गटर से जुड़े हुए हैं। नतीजतन गटरों की क्षमता दोगुनी हो गई है। इन गटरों के मुहाने पर नए स्वचालित और मैनुअल फ्लडगेट लगाए जाएंगे। इसलिए ज्वार से कोस्टल रोड को कोई खतरा नहीं होगा।
सुरंग में पंप की व्यवस्था
यह देश में पहला प्रयोग है, जिसमें सुरंगों में हवा का प्रवाह बनाए रखने के लिए वेंटिलेशन के स्कार्डो सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। आपात स्थिति में मनपा नियंत्रण कक्ष, पुलिस, यातायात पुलिस, दमकल विभाग को तत्काल संदेश जाएगा। जमा हुए पानी को निकालने के लिए पंप तैनात किए गए हैं।

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