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महाराष्ट्र में नहीं है चौथी लहर का खतरा!…. महामारी को काबू करने का एकमात्र विकल्प टीकाकरण

सामना संवाददाता / मुंबई। राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत तेजी से नहीं बढ़ रही है इसलिए महाराष्ट्र के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। राज्य में चौथी लहर आने की संभावना बहुत ही कम है। चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो राज्य में बेहतर टीकाकरण, कोरोना से बचाव के उपायों के प्रति जागरूकता और दो साल में ७८.७६ लाख लोगों में कोरोना संक्रमण से चौथी लहर की संभावना कम हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सलाह दी गई है कि इस महामारी से बचाव के लिए टीका लगवाना जरूरी है। टीका ही महामारी को काबू करने का एक मात्र विकल्प है।
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले कुछ सप्ताह से वहां चार से पांच गुना ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि इससे देश में कोरोना की चौथी लहर आ सकती है। वहीं राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक महाराष्ट्र में इस बात पर भी ध्यान केंद्रित है कि कहीं कोई सामूहिक संक्रमण क्षेत्र तो नहीं है। फिलहाल महाराष्ट्र में इस समय ओमायक्रॉन से संक्रमित मरीज अधिक संख्या में मिल रहे हैं।
तीनों लहरों में अधिकांश लोग हो चुके हैं संक्रमित
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के संक्रामक रोग सर्वेक्षण अधिकारी डॉ. प्रदीप आवटे के मुताबिक बहुरुपिया कोरोना यदि रूप नहीं बदलता है तो महामारी की बहुत बड़ी लहर आने की संभावना कम ही है। राज्य में अच्छा टीकाकरण हुआ है। इसके अलावा कोरोना की तीनों लहरों में अधिकांश लोग संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में लोगों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है। हालांकि राज्य में हर सप्ताह कोरोना के मिल रहे मरीजों की संख्या पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। फिलहाल साप्ताहिक निरीक्षण के बाद कोरोना रोगियों की संख्या में खासा वृद्धि होती नहीं दिख रही है।
संक्रमित मरीजों की संख्या में मामूली वृद्धि
मुंबई में मरीजों की संख्या कुछ हद तक बढ़ी है। दो सप्ताह पहले सक्रिय मरीजों की संख्या ३०० थी, वह अब बढ़कर ५२१ पर पहुंच गई है। मुंबई में ९७ फीसदी मरीजों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। २४ घंटों में ७३ नए मरीज मिले हैं, जबकि पूरे राज्य में यह संख्या १४४ है। राज्य में ९१६ सक्रिय मरीज हैं। राज्य के अन्य हिस्सों में भी मरीजों की संख्या ज्यादा नहीं बढ़ी है। पूरे राज्य में आईसीयू में सिर्फ २० मरीजों का इलाज चल रहा है।

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