मुख्यपृष्ठनए समाचारमहाविकास आघाड़ी में `सीट बंटवारे को लेकर कोई मतभेद नहीं'-संजय राऊत

महाविकास आघाड़ी में `सीट बंटवारे को लेकर कोई मतभेद नहीं’-संजय राऊत

सामना संवादाता / नई दिल्ली
सीट बंटवारे को लेकर महाविकास आघाड़ी में कोई मतभेद या विवाद नहीं है। गठबंधन के घटक दलों के बीच इस संबंध में सकारात्मक चर्चा चल रही है और सीटों का बंटवारा अंतिम चरण में पहुंच गया है, ऐसी जानकारी कल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)नेता और सांसद संजय राऊत ने दी।
संजय राऊत ने कल मीडिया से बातचीत की। इस मौके पर मीडिया ने उनसे पूछा कि आगामी लोकसभा चुनाव की पृष्ठभूमि पर ‘इंडिया’ गठबंधन और महाविकास आघाड़ी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। इस पर संजय राऊत ने जवाब देते हुए कहा कि कल सुबह मेरी कांग्रेस की उच्च स्तरीय समिति से चर्चा हुई। उस कमेटी में दिल्ली के वरिष्ठ नेता शामिल हैं। हम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी द्वारा गठित समिति से भी चर्चा करेंगे। सीट बंटवारे को लेकर चर्चा लगभग पूरी हो चुकी है, ऐसा भी संजय राऊत ने कल कहा।
इस मौके पर संजय राऊत ने मीडिया को महाराष्ट्र में सीटों के बंटवारे को लेकर भी जानकारी दी। महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी के बीच सीट बंटवारे को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई है और बातचीत जारी है। हमारे बीच सीटों को लेकर कोई मतभेद नहीं है। शिवसेना और राकांपा के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत पूरी हो चुकी है, जबकि कांग्रेस और प्रकाश आंबेडकर के साथ बातचीत जारी है। संजय राऊत ने यह भी आश्वासन दिया कि प्रकाश आंबेडकर को उचित सम्मान दिया जाएगा।
वर्तमान राजनेता जंगलराज ला रहे हैं
पंडित नेहरू से अगले ५० वर्षों में हिंदुस्थान में ज्ञान, विज्ञान, शिक्षा, अंतरिक्ष और उद्योग के क्षेत्र में प्रगति हुई है, लेकिन मौजूदा राजनेता देश को पांच हजार साल पीछे ले जा रहे हैं, ऐसी तीखी आलोचना संजय राऊत ने की। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान शासकों की सोच आधुनिकता से जुड़ी नहीं है, बल्कि वे जंगलराज लाना चाहते हैं और यही कारण है कि पिछले दस वर्षों से देश में बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की आत्महत्याएं बढ़ी हैं।

शासकों के पास धर्म का एकमात्र उपाय
बेरोजगारी, किसान आत्महत्या और महंगाई पर मौजूदा शासकों के पास धर्म ही एकमात्र उपाय है। लेकिन धर्म के आधार पर कोई भी देख खड़े नहीं रह सकता है और लोकतंत्र नहीं बच सकता है। इस तरह का जोरदार हमला शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के नेता व सांसद संजय राऊत ने मीडिया से संवाद साधते हुए सरकार पर बोला है। शिर्डी में आयोजित राष्ट्रवादी पार्टी के मंथन शिविर में बोलते हुए शरद पवार ने भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि सरकार का रुख समाज में छोटे घटकों को मदद न करने का है। इसलिए देश में इस समय केवल गाय, गोमूत्र और गोलवलकर ही नजर आ रहे हैं। इस बयान पर पत्रकारों के पूछे जाने पर संजय राऊत ने कहा कि पंडित नेहरू से लेकर अगले ५० साल देश ने ज्ञान, विज्ञान, अंतरिक्ष और उद्योग क्षेत्रों में प्रगति की। इसका मुख्य कारण यह है कि उन्होंने देश को आधुनिकता और विज्ञान का मार्ग दिखाया। अनुसंधान के लिए कई संस्थानों को खड़ा किया। लेकिन आज के शासक देश को पांच हजार साल पीछे लेकर जा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी सोच आधुनिकता से जुड़ी नहीं है। वे अब भी कीचड़ उछाल कर शासन कर रहे हैं। वे जंगलराज लाना चाहते हैं। इसीलिए पिछले १० वर्षों में बेरोजगारी, किसान आत्महत्याएं और महंगाई बढ़ी है। इन सबके लिए उनके पास एक मात्र उपाय धर्म है। लेकिन केवल धर्म के आधार पर कोई भी देश खड़ा नहीं रह सकता और लोकतंत्र टिक नहीं सकता। एक कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अभी आठ महीने पद पर रहूंगा। इस पर सांसद संजय राऊत ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को इतना आत्मविश्वास कहां से मिलता है। दरअसल, छह महीने बाद चुनाव है। अप्रैल में चुनाव होंगे। फिर विधानसभा चुनाव मनपा की तरह नहीं होंगे क्या? क्योंकि संविधान में मुख्यमंत्री की नियुक्ति का प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि १० जनवरी को आनेवाले नतीजे पर पूरे देश की नजर है।

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