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भाजपा के साथ जाना ही नहीं है!

-शरद पवार का दृढ़ विश्वास… जो गए उनकी चिंता नहीं’

सामना संवाददाता / पुणे

मैं पार्टी अध्यक्ष हूं, इसलिए किसी भी नेता को मुझसे संवाद साधने का अधिकार है। ‘उन्होंने’ कुछ मांगें रखी उस पर चर्चा हुई थी, लेकिन जिस रास्ते पर वे चलने की कोशिश कर रहे थे, वह हमारी पार्टी से भिन्न था। हमें भाजपा के साथ जाना ही नहीं, यह हमारी दृढ़ भूमिका है और आगे भी रहेगी। इसलिए अजीत पवार झूठ बोल रहे हैं और जो गए हैं, उनकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनके जाने से पार्टी स्वच्छ हो गई है, ऐसे स्पष्ट शब्दों में कल राष्ट्रवादी कांग्रेस अध्यक्ष शरद पवार ने अजीत पवार की जमकर खबर ली।
कर्जत में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने शरद पवार पर कई आरोप लगाए थे। अजीत पवार ने यह भी दावा किया कि भाजपा के साथ जाने को लेकर शरद पवार से भी चर्चा हुई थी। कल पुणे में राष्ट्रवादी विधायकों, सांसदों और पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस अवसर पर राकांपा प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील, एकनाथ खडसे, अनिल देशमुख, अंकुश काकड़े, शहर अध्यक्ष प्रशांत जगताप आदि उपस्थित थे। इस दौरान हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने बिना नाम लिए अजीत पवार के हर आरोप और दावे पर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि मैं यह समझने वाला पहला व्यक्ति था कि कल ‘उन्होंने’ क्या आरोप लगाया था। क्या यह बम था? क्या वह विस्फोट था या पटाखा? शरद पवार ने उत्सवी अंदाज में कहा कि ये आप खुद देख लीजिए।
मेरे पास निर्णय लेने की शक्ति है
अजीत पवार ने आरोप लगाया था कि इस्तीफे के नाटक के बाद शरद पवार ने खुद जितेंद्र आव्हाड और आनंद परांजपे को विरोध करने के लिए कहा था। शरद पवार ने कहा, मैं एनसीपी का अध्यक्ष हूं इसलिए इस्तीफा देने या इसे वापस लेने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। इस्तीफा देने के बाद मैंने किसी को विरोध करने के लिए नहीं कहा। मेरे पास इस्तीफा देने का फैसला करने की ताकत है।
चूंकि उन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है, इसलिए मैं उन्हें ज्यादा महत्व नहीं देता हूं। चूंकि मैं पार्टी अध्यक्ष हूं, इसलिए किसी भी नेता को मेरे साथ बातचीत करने का अधिकार है। ‘उन्होंने’ जो मांगें रखीं, उन पर चर्चा हुई, लेकिन जिस तरह से वे जाने की योजना बना रहे थे, वह हमारी पार्टी के लिए गलत था। चुनाव में लोगों ने जो वोट मांगे वो भाजपा के लिए नहीं थे। चुनाव में फॉर्म भरते वक्त वह राष्ट्रवादी के थे। उन्हें मेरी और जयंत पाटील की सहमति से टिकट दिए गए थे इसलिए, मैंने उन्हें चेतावनी दी थी कि पार्टी के विचारों से असंगत पद लेना स्वीकार्य नहीं है। शरद पवार ने हमला बोलते हुए कहा कि ‘वे’ आज झूठ बोल रहे हैं। कौन चला गया, इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं, इससे संगठन स्वच्छ होने लगा है। उन्होंने बताया कि नए लोगों को मौका देने के लिए यह स्थिति बनी है। लोग उन पर भरोसा नहीं करते, उन्हें चिंता रहती है कि लोगों के सामने क्या जवाब देंगे? इसीलिए वे झूठ बोल रहे हैं, ऐसा भी शरद पवार ने कहा।
प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार की आलोचना की, जिस पर उन्होंने कहा कि मेरे पास बात करने के लिए कई बिंदु हैं। मैंने कहा था कि मैं भविष्य में एक किताब लिखूंगा। जब इस बात की ओर ध्यान दिलाया गया तो शरद पवार ने कटाक्ष किया। जब पटेल किताब लिख रहे थे तो ईडी के अधिकारी उनके घर क्यों आए? उस किताब में दिल्ली का मामला लिखा जाना चाहिए। घर की कुछ मंजिलों को ईडी ने क्यों अपने कब्जे में ले लिया? इस मामले को एक किताब में लिखा जाना चाहिए और पटेल को यह भी लिखना चाहिए कि लोग पार्टी कैसे छोड़ते हैं। पवार ने कहा कि मैं किताब का इंतजार कर रहा हूं।

 

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