मुख्यपृष्ठनए समाचारमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर नहीं रहा विश्वास! ...मनोज जरांगे पाटील का दावा

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर नहीं रहा विश्वास! …मनोज जरांगे पाटील का दावा

सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल की आलोचना के बाद अब मराठा नेता मनोज जरांगे पाटील ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हमें अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी भरोसा नहीं रहा है। आंदोलन का दूसरा चरण शुरू होने के बाद पहली बार मनोज जरांगे पाटील ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के प्रति नाराजगी जाहिर की है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दशहरा मेले में शिवराय की शपथ ली और कहा था कि वह मराठा आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं। अब मनोज जरांगे पाटील ने कहा है कि उन्हें अब उन पर भरोसा नहीं रह गया है, साथ ही उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि अब वह किसी की बात नहीं सुनेंगे, बल्कि २० जनवरी को आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि अब तक मुख्यमंत्री पर विश्वास किया। उनके शब्दों का सम्मान किया। जो मंत्री हमसे मिले, उनके शब्दों का भी मान रखा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी राज्य में मराठा आंदोलन के दौरान मराठों पर दर्ज अपराध के मामले वापस लेने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने वह वादा पूरा नहीं किया। आंतरवली सराटी में हमारे लोग भी गिरफ्तार किए गए। वहां भी वे भरोसे के लायक साबित नहीं हुए। अब हमारे मराठा लोगों को नोटिस मिल रही हैं। ऐसा कहते हुए मनोज जरांगे पाटील ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा।
अब चर्चा करने को कुछ नहीं है
हमने सरकार को २० जनवरी तक की डेडलाइन दी है। अब कोई चर्चा नहीं होगी। हमें आरक्षण चाहिए। २० तारीख के बाद हम एक घंटा भी नहीं देंगे। उस दिन भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया भर में ऐसी भीड़ देखने को मिलेगी क्योंकि पूरा मराठा समुदाय मुंबई जाने वाला है। मुंबईकरों को कष्ट होगा, लेकिन उन्हें इसे सहन करना चाहिए।’ मराठा भाइयों से एक निवेदन है। यह हमारे बच्चों के लिए एक आंदोलन है। इसलिए ये मत सोचो कि हमें नहीं बुलाया गया है, ऐसा आह्वान मनोज जरांगे पाटील ने किया है।

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