मुख्यपृष्ठनए समाचारकांग्रेस में परिवारवाद नहीं, बलिदानवाद है!-छगन भुजबल

कांग्रेस में परिवारवाद नहीं, बलिदानवाद है!-छगन भुजबल

सामना संवाददाता /मुंबई
देश को अनेकों लोगों के बलिदान के बाद स्वतंत्रता मिली है, जिसके कारण प्रत्येक को अपना विचार रखने, बोलने का अधिकार मिला है लेकिन इस अधिकार पर लगाम लगाने का काम वर्तमान में शुरू है। विपक्षी दलों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए देश को मिली स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने और संविधान को बनाए रखने की सबकी जवाबदारी है, ऐसा प्रतिपादन पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल ने किया।
अमृतवाहिनी खेती व शिक्षा विकास संस्था संगमनेर में स्वतंत्रता सेनानी सहकारमर्हिष भाऊसाहेब थोरात व हरित क्रांति के प्रणेता डॉ. अण्णासाहेब शिंदे की जयंती महोत्सव, प्रेरणा दिन व पुरस्कार समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उपस्थिति में और पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर भुजबल ने उक्त बातें कहीं। इस अवसर पर छगन भुजबल ने कहा कि देश में कई दल हैं, उनके अध्यक्ष कौन हैं, कौन होनेवाला है? इस संदर्भ में कभी अधिक चर्चा नहीं होती है। केवल कांग्रेस का अध्यक्ष कौन होगा? इस पर अधिक चर्चा होती है, इससे स्पष्ट है कि विरोधी दल में डर का माहौल है, कारण यह है कि कांग्रेस या नेहरू, गांधी परिवार का इतिहास है, गांधी परिवार के सदस्यों ने देश के लिए बलिदान दिया है, इसके बाद भी कांग्रेस पर हमेशा परिवारवाद का आरोप लगाया जाता है। कांग्रेस में परिवारवाद नहीं है, बल्कि कांग्रेस का बलिदान का इतिहास है, ऐसा भुजबल ने कहा। उन्होंने आगे कहा कि देश में अनेक महत्वपूर्ण संस्थाओं का निर्माण नेहरू ने किया, उन्हीं संस्थाओं को आज बेचा जा रहा है, ऐसा कहते हुए उन्होंने कहा कि बनाई गई संस्थाओं को बेचने में क्या लगता है? ऐसा सवाल करते हुए उन्होंने सत्ताधारी दल पर टिप्पणी की।

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