मुख्यपृष्ठनए समाचारक्रिसमस के दिन सन्नाटा छाया रहा यीशु की नगरी में

क्रिसमस के दिन सन्नाटा छाया रहा यीशु की नगरी में

मनमोहन सिंह

२५ दिसंबर २०२३, प्रभु यीशु का जन्मदिन क्रिसमस, बेथलहम का लूथरन इवेंजेलिकल चर्च, इस क्रिसमस पर यीशु के जन्म का दृश्य हमेशा से बिल्कुल अलग।
नवजात शिशु को घास से भरी चरनी में एक खाट की बजाय, धुंधले सफेद काफिये में लपेटा गया है और टूटे हुए ब्लॉक और फर्श वाले स्लैब के बीच रखा गया है।
मुंथर इसहाक लूथरन चर्च के पादरी मीडिया से कहते हैं कि वह इस साल के जन्म दृश्य के साथ दुनिया को एक संदेश देना चाहते हैं। यह फिलिस्तीनी बच्चों के लिए क्रिसमस की वास्तविकता है। बकौल लूथरन , `यदि यीशु का जन्म आज हुआ होता, तो वह गाजा के मलबे के नीचे पैदा होते।’
इसराइल के लगातार हमलों के चलते इस साल क्रिसमस समारोह रद्द कर दिया गया। बेथलहम, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में यरूशलेम से छह मील दक्षिण में, ईसाई धर्म के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक है चर्च ऑफ द नैटिविटी। माना जाता है कि जीसस क्राइस्ट का जन्म यहीं पर हुआ था। सम्राट जस्टिनियन द्वारा १५०० साल पहले ग्रोटे के ऊपर बनाया गए इस चर्च को आज कई संप्रदायों द्वारा साझा किया जाता है।
बेथलेहम के मध्य में, चर्च ऑफ नेटिविटी के बाहर, मैंगर स्क्वायर, आमतौर पर दिसंबर में पर्यटकों से भरा रहता है, लेकिन अब सन्नाटा छाया हुआ है। धूसर और खाली है। बेथलहम शांति केंद्र के बाहर एक बैनर पर अरबी और अंग्रेजी में लिखा है, `नरसंहार बंद करो, विस्थापन रोको, नाकाबंदी हटाओ।’ वेस्ट बैंक में बेथलेहम की निवासी मेडेलीन कहती हैं, `शहर खुशी से, उत्साह से, बच्चों से, सांता से खाली है। इस साल कोई उत्सव नहीं है। प्रसिद्ध क्रिसमस ट्री, जो आमतौर पर चौराहे के बीच में होता है, वहां नहीं है। वहां कोई कैरोल्स या क्रिसमस मार्केट स्टैंड नहीं हैं।
बेथलहम की अधिकांश आबादी मुस्लिम है, शहर में अभी भी संपन्न ईसाई समुदाय और कई ईसाई संप्रदायों की वसाहत है। यह इलाका ईसाई संप्रदाय के लिए सबसे बड़ा तीर्थ क्षेत्र माना जाता है। मेयर हाना हनियेह के मुताबिक, बेथलेहम की लगभग ७० प्रतिशत अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों पर निर्भर करती है। क्रिसमस के दौरान यहां पर सबसे ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। हमारी अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, हम जश्न नहीं मना सके। हम गाजा के लोगों के लिए शोक में हैं।

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