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हादसे से पहले मिलेगी आहट! …पुलिस और मनपा अधिकारियों को मिलेगी पल-पल की जानकारी

•  सेंसर करेगा अलर्ट
•  शहर के पुलों में लगेंगे डिवाइस
सामना संवाददाता / मुंबई । शहर में पुलों की दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए मनपा शहर के पुलों की सुरक्षा के लिए सेंसर डिवाइस लगानेवाली है। इस सेंसर से कनेक्ट मनपा के वॉर्ड अधिकारी और पुलिस प्रशासन को ब्रिज खतरनाक है या यातायात के लिए उपयुक्त है, इसकी पल-पल की जानकारी मिलेगी। मतलब हादसे के पहले ही अधिकारियों को आहट मिल जाएगी और अनहोनी टल जाएगी।
बता दें कि मुंबई में नदी-नालों पर कुल १४३ पुल हैं, जिनमें शहर में ६, पश्चिम उपनगर में ८२ और पूर्व उपनगर में ५५ पुल हैं। मुंबई में ४१ रोड ओवर ब्रिज हैं, इसके साथ ही १६ फ्लाइओवर, ४९ फुटओवर और ३६ रेलवे पुल हैं। वाहनों के लिए १० और पैदल यात्रियों के लिए १९ सबवे मुंबई में हैं। मनपा के पास मुंबई में ३१४ और एमएमआरडीए से मिले ३१ पुल यानी कुल ३४५ पुल हैं, जिसकी देखरेख मनपा करती है।
ऑडिट में पुलों की मरम्मत का सुझाव
वर्ष २०१८ में अंधेरी स्टेशन के पास गोखले पुल गिरा था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। १४ मार्च २०१९ को हिमालय पुल गिर गया था। इस हादसे में ७ लोगों की जान चली गई थी और ३३ लोग बुरी तरह से जख्मी हुए थे। इसके बाद मुंबई मनपा ने अपने सभी पुलों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के बाद अब पुलों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त काम का सुझाव दिया है। इसके साथ महालक्ष्मी रेलवे पुल, सायन रेलवे स्टेशन पुल, तिलक पुल के पास का फ्लाईओवर, दादर फूल बाजार का पुल, माहिम फाटक पुल, करी रोड रेलवे स्टेशन पुल, सायन अस्पताल स्थित पुल व दादर-धारावी नाला पुल को मरम्मत करने का सुझाव दिया गया था। जिसके बाद मनपा की तरफ से कुछ पुलों का मरम्मत किया जा रहा है। इसके साथ ही अब कुछ पुलों में सेंसर डिवाइस लगाए जाने वाले हैं। मनपा पुल डिपार्टमेंट के चीफ इंजीनियर सतीश ठोसर ने बताया कि इस सेंसर डिवाइस का इस्तेमाल अधिकतर पुराने पुलों में किया जाने वाला है। इससे पुलों की स्थिति की जानकारी प्रतिदिन मिलती रहेगी और दुर्घटना से पहले ही अलर्ट किया जा सकेगा।

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