मुख्यपृष्ठनए समाचार‘तालाबों' का होगा ‘ट्रीटमेंट'! जल की गुणवत्ता बढ़ेगी

‘तालाबों’ का होगा ‘ट्रीटमेंट’! जल की गुणवत्ता बढ़ेगी

  • मनपा ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया

सामना संवाददाता / ठाणे
तालाबों के शहर के नाम से मशहूर ठाणे शहर के महत्वपूर्ण तालाबों के जल की गुणवत्ता में सुधार और जल प्रदूषण को रोकने के लिए ठाणे मनपा ने १२ तालाबों में बायोरेमेडिएशन और फ्लोटिंग वेटलैंड ट्रीटमेंट करने का फैसला  किया है। उक्त १२ तालाब ठाणे, कलवा, मुंब्रा और दिवा में मौजूद हैं। इस संबंध में मनपा ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बता दें कि ठाणे मनपा क्षेत्र में ६० से अधिक तालाब मौजूद हैं। ठाणे मनपा क्षेत्र में अवैध निर्माण और मनपा प्रशासन की लापरवाही की वजह से धीरे-धीरे तालाबों को नुकसान पहुंच रहा है। इसके बावजूद कुछ तालाब अभी भी जीवित हैं। इन तालाबों को जीवित रखने की बड़ी चुनौती मनपा के सामने आ खड़ी हुई है। प्रदूषित पानी के कारण कुछ तालाब स्थायी रूप से नष्ट हो गए हैं। तालाब में प्रदूषित पानी के कारण जलीय जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है। कुछ साल पहले ठाणे मनपा ने तालाबों के पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए मखमली तालाब में बायोरेमेडिएशन और फ्लोटिंग वेटलैंड प्रक्रिया की थी। इस प्रक्रिया से मखमली तालाब के पानी की गुणवत्ता में काफी हद तक सुधार हुआ था। इसका मेंटेनेंस कार्य अब पूरा हो चुका है। प्रक्रिया के अच्छे परिणाम के बाद अब ठाणे मनपा के प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने ठाणे, कलवा, मुंब्रा और दिवा शहरों के अन्य १२ तालाबों में इस प्रक्रिया को लागू करने का निर्णय लिया है। यदि इन तालाबों में यह प्रक्रिया की जाती है तो इन तालाबों के पानी की गुणवत्ता में सुधार होना निश्चित है।

क्या है शुद्धिकरण?
तालाबों में बायोरेमेडिएशन और फ्लोटिंग वेटलैंड प्रक्रियाओं में जलीय पौधे स्थापित किए जाएंगे। ये पौधे जल प्रदूषकों को अवशोषित करते हैं। इस प्रकार पानी की गुणवत्ता बनी रहती है। साथ ही जलीय जीवन को होनेवाला खतरा भी टल जाता है।
इन तालाबों में होगी शुद्धि
इनमें कौसा तालाब, दिवा तालाब, मखमली तालाब, कोलशेत तालाब, कोपरी स्थित पांडुरंग भोइर तालाब, रेवाले तालाब, गोकुलनगर तालाब, घोडबंदर स्थित ओवले तालाब, सिद्धेश्वर तालाब, कोलबाड तालाब और कलवा स्थित खरेगांव तालाब शामिल हैं।

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