मुख्यपृष्ठस्तंभतीसरा काॅलम : राजस्थान में अपनों से परेशान भाजपा!

तीसरा काॅलम : राजस्थान में अपनों से परेशान भाजपा!

रमेश सर्राफ धमोरा
झुंझुनू, राजस्थान

राजस्थान में विधानसभा के चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे भाजपा की अंदरूनी कलह बढ़ती जा रही है। एक तरफ भाजपा राजस्थान में चार अलग-अलग क्षेत्र में परिवर्तन संकल्प यात्राओं का आयोजन कर चुनावी माहौल बनाने में जुटी हुई है, तो वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता पार्टी को लगातार संकट में डाल रहे हैं। पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता रहे कैलाश मेघवाल पार्टी के लिए गले की फांस बने हुए हैं। हालांकि, भाजपा ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है और आनेवाले समय में उनका पार्टी से निष्कासन तय माना जा रहा है। कैलाश मेघवाल प्रकरण से भाजपा को बेवजह शर्मिंदगी तो उठानी पड़ी ही, साथ ही डैमेज कंट्रोल भी करना पड़ रहा है। इसका कारण केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल है। अर्जुन राम मेघवाल शुरू से ही विवादों में रहे हैं। उनके चलते बीकानेर क्षेत्र में पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे देवीसिंह भाटी को पार्टी छोड़नी पड़ी थी। पिछले विधानसभा चुनाव में देवीसिंह भाटी ने अर्जुनराम मेघवाल पर उनकी पुत्रवधू पूनम कंवर भाटी को चुनाव में हरवाने का आरोप लगाया था। मेघवाल अपने पुत्र रविशेखर को जिला परिषद का चुनाव लड़वा कर भी काफी विवादों में रहे थे। हालांकि, उनका पुत्र रवि शेखर राजस्थान सरकार में वैâबिनेट मंत्री गोविंद राम मेघवाल की पत्नी आशा देवी से २,७८३ वोटो से हार गया था। अर्जुन राम मेघवाल का पुत्र रवि शेखर भी अक्सर विवादों में बना रहता है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समर्थक देवीसिंह भाटी भैरोंसिंह शेखावत व वसुंधरा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनका बीकानेर क्षेत्र में खासा प्रभाव माना जाता है। पिछले दिनों उन्होंने भाजपा में शामिल होने का प्रयास किया था। मगर अर्जुनराम मेघवाल ने उनके भाजपा प्रवेश में अड़ंगा लगा दिया था। उसके बाद भाटी ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से मिलकर राजनीतिक गठबंधन बनाने के संकेत दिए थे। यदि देवीसिंह भाटी हनुमान बेनीवाल के साथ चुनावी गठबंधन बनाते हैं तो उसका नुकसान भाजपा को ही उठाना पड़ेगा।
पिछले दिनों जोधपुर जिले के सूरसागर से विधायक सूर्यकांता व्यास ने केंद्रीय मंत्री व जोधपुर के सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत पर हमला बोलकर पार्टी में पनप रही गुटबाजी को और हवा दे दी है। कुछ दिनों पूर्व भाजपा की वरिष्ठ विधायक सूर्यकांता व्यास ने अपनी मांगों को पूरा करने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का सार्वजनिक रूप से आभार जताया था, जिससे खफा होकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सूर्यकांता व्यास पर व्यंग्य कसते हुए कहा था कि बच्चे और बूढ़े का मन एक सा हो जाता हैं। उनकी कही बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। इस पर सूर्यकांता व्यास खफा हो गई थीं और उन्होंने गजेंद्र सिंह के बहाने भाजपा आलाकमान को चेतावनी दे डाली कि ९३ साल की उम्र में भी वह अगला विधानसभा चुनाव लड़ेंगी भी और जीतेंगी भी। चुनावी समय में इस तरह की बातों से पार्टी का माहौल खराब होता है। जबकि उनके अपने ही वरिष्ठ नेताओं की बयान बाजी पार्टी पर भारी पड़ रही है।
(लेखक राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार हैं। उनके लेख देश के कई समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहतें हैं।)

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