मुख्यपृष्ठनए समाचारथर्ड वर्ल्ड वॉर! रूस- यूक्रेन युद्ध के बीच ताइवान-चीन में बढ़ा टेंशन

थर्ड वर्ल्ड वॉर! रूस- यूक्रेन युद्ध के बीच ताइवान-चीन में बढ़ा टेंशन

  • ड्रैगन ने जापान पर भी दागी मिसाइलें

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
अमेरिका, रूस और चीन की आर्थिक एवं सामरिक महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर पहुंचा रही है। पिछले करीब पांच महीनों से रूस और यूव्रेâन की बीच जंग जारी है, जिसका खामियाजा पूरी दुनिया भुगत रही है। इस बीच अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे से चीन भड़क गया है। ड्रैगन ताइवान को अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा है। इतना ही नहीं चीन ने गुरुवार को ताइवान की सीमा पर युद्धाभ्यास के बहाने मिसाइल से हमले किए। ड्रैगन ने एक बाद एक लगातार कई बैलिस्टिक मिसाइल दागी। चीन के इस हवाई हमले में कई मिसाइलें जापान के क्षेत्र में भी गिरी हैं। जापान के रक्षा मंत्री नोबुओ किशी ने संवादाता सम्मेलन में कहा कि चीन द्वारा दागी गई नौ बैलिस्टिक मिसाइलों में से पांच मिसाइले जापान के क्षेत्र में गिरीं। जापान ने चीन के इस कदम का विरोध किया है। इसी दौरान अजरबेजान और अर्मेनिया के बीच एक बार फिर जंग शुरू हो गई है। लगातार विस्फोटक होते ऐसे हालातों से तीसरे विश्व युद्ध के कभी भी शुरू होने की आशंका बढ़ गई है।
रूस-यूक्रेन  के बीच की जंग से दुनिया के प्रमुख देश पहले ही दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं। ताइवान मुद्दे पर चीन की अमेरिका के साथ बढ़ रही तल्खी बंटे हुए देशों के बीच की दूरी को और बढ़ा रही है। चीन की चेतावनी की अनदेखी करते हुए नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे से बौखलाए चीन ने ताइवान को छह तरफ से घेरकर अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। इससे चीन का अमेरिका और ताइवान के साथ तनाव चरम पर पहुंच गया है। चीन के इस कदम को ताइवान ने क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि चीन ने गुरुवार को बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। उधर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भी इसकी पुष्टि की है। उधर चीन को ग्रुप ऑफ सेवन (जी-७) देशों के विदेश मंत्रियों ने फटकार लगाई कि बीजिंग को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के खिलाफ ऐसे आक्रामक तेवर नहीं दिखाने चाहिए।
रूस-यूक्रेन के बीच की जंग से दुनिया के प्रमुख देश पहले ही दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं। ताइवान मुद्दे पर चीन की अमेरिका के साथ बढ़ रही तल्खी बंटे हुए देशों के बीच की दूरी को और बढ़ा रही है। चीन की चेतावनी की अनदेखी करते हुए नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे से बौखलाए चीन ने ताइवान को छह तरफ से घेरकर अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। इससे चीन का अमेरिका और ताइवान के साथ तनाव चरम पर पहुंच गया है। चीन के इस कदम को ताइवान ने क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि चीन ने गुरुवार को बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। उधर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भी इसकी पुष्टि की है। उधर चीन को ग्रुप ऑफ सेवन (जी-७) देशों के विदेश मंत्रियों ने फटकार लगाई कि बीजिंग को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के खिलाफ ऐसे आक्रामक तेवर नहीं दिखाने चाहिए।
अजरबेजान-अर्मेनिया के बीच फिर छिड़ी लड़ाई में कई मरे
अर्मेनिया-अजरबेजान के बीच नागोर्नो-काराबाख को लेकर साल २०२० में युद्ध हुआ। रूस की मौजूदगी में युद्धविराम हुआ, जिसमें अजरबेजान-अर्मेनिया की लड़ाई में अजरबेजान भारी पड़ा था। बहुत सारे इलाके अजरबेजान ने फिर से अपने कब्जे में ले लिए थे। लेकिन जो इलाके अर्मेनिया के पास रह गए थे, उन पर फिर से अजरबेजान ने हमला बोल दिया है और एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। ऐसा रूस की यूक्रेन  में व्यस्तता के बीच अजरबेजान ने किया है। इस लड़ाई में दोनों ही तरफ से कम-से-कम ३ लोगों की मौत हुई है। अजरबेजान ने बताया है कि उसकी सैन्य तैनातीवाली जगह पर अर्मेनिया ने हमला किया, जबकि अर्मेनियाई विद्रोहियों ने कहा है कि अजेरी सैनिकों ने हमला कर उनके दो साथियों की हत्या कर दी है। यूरोपीय यूनियन ने ताजी लड़ाई पर चिंता जाहिर की है, जबकि रूस ने अजरबेजान की निंदा करते हुए आरोप लगाया है कि उसकी अस्थिरता का फायदा उठाकर अजरबेजान ने संघर्षविराम तोड़ा है।
ताइवानी सीमा में चीन ने की  मिसाइलों की बारिश 
युद्धाभ्यास के नाम पर फैला रहा है दहशत
अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा से भड़का चीन उनके लौटते ही और आक्रामक हो गया है। चीन ने ताइवान को घेरने के लिए उसकी सीमा के आसपास घेराबंदी शुरू कर दी है। खबर यह भी है कि चीनी सेना ने ताइवान के आसपास सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। ताइवान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच खबर है कि चीन ने डीएफ-१५ बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जो कि ताइवान के समुद्र तट पर गिरी हैं। ताइवानी मीडिया ने बताया है कि चीन द्वारा दागी गई दो डीएफ-१५ बैलिस्टिक मिसाइलें द्वीप के ऊपर से उड़ीं और समुद्री तट पर जा गिरीं। ताइवान का कहना है कि चीन ने परमाणु क्षमता से लैस डोंगफेंग मिसाइलों के जरिए फायरिंग की है। चीनी सेना ने मंगलवार को अपने अभ्यास की शुरुआत की थी, लेकिन गुरुवार को यह और तेज हो गई। चीनी सूत्रों का कहना है कि ७ अगस्त तक यह अभ्यास जारी रहेगा।

 

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