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ये ईवीएम गड़बड़ है… फिर उठी ‘बैलेट पेपर’ से मतदान की मांग!

सपा-बसपा ने ठोंकी ताल
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
देश में एक बार फिर चुनावी माहौल गरमा रहा है। कर्नाटक के साथ ही यूपी में स्थानीय निकायों के चुनाव भी घोषित हो गए हैं। ऐसे में एक बार फिर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है। सपा और बसपा जैसी पार्टियों ने ईवीएम के विरोध में कमर कस ली है।
बता दें कि देश में इन दिनों ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से चुनाव होते हैं। इस ईवीएम को लेकर प्राय: सभी राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं। भाजपा जब विपक्ष में थी तब वह भी ईवीएम का विरोध करती थी। ईवीएम के बारे में कहा जाता है कि इसे हैक किया जा सकता है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी नगर निगम चुनावों को मतपत्र के जरिए कराए जाने की मांग की है। मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नगर निकाय चुनावों की घोषणा का स्वागत करती है। हमारी सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील है कि वह चुनाव ईवीएम से न कराकर बैलट पेपर से कराएं। बसपा इन चुनावों को पूरी तैयार और दमदारी से लड़ेगी।
मायावती के अलावा सपा ने भी ईवीएम का विरोध किया है। मुरादाबाद से सांसद डॉ. एस.टी. हसन ने ईवीएम पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि सभी चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए। सपा सांसद ने कहा कि अगर चुनाव बैलेट पेपर से होंगे तो सपा ज्यादा-से-ज्यादा सीटें जीतेगी। सपा सांसद ने कहा कि पिछले सभी चुनाव का रिकॉर्ड उठाकर देख ले आप, जहां-जहां ईवीएम से चुनाव हुआ वहां ज्यादातर हम हार गए और जहां-जहां बैलट से चुनाव हुए, वहां ज्यादातर हम चुनाव जीत गए। सपा सांसद ने कहा कि लोकसभा का चुनाव भी बैलेट से होना चाहिए। जिन देशों ने इस तकनीक का इजाद किया था, उन्होंने भी इसका इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। एसटी हसन ने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव करने और कराने में नुकसान ही क्या है?
हैकर ने किया था खुलासा
पूर्व में हैदराबाद के एक हैकर ने ईवीएम हैक किए जाने का खुलासा किया था, पर उसकी बात को तवज्जो नहीं दी गई। उल्टे उसके खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया गया था। कुछ साल पहले लंदन में भी एक अमेरिकन हैकर ने प्रेस कॉन्प्रâेंस करके बताया था कि ईवीएम को किस तरह से हैक किया जा सकता है। ईवीएम को हैक करने के बाद उससे मनचाहे परिणाम उगलवाए जा सकते हैं।

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