मुख्यपृष्ठनए समाचारये सरकार तानाशाह है नौकरी मांगो तो लाठियां बरसाती है!

ये सरकार तानाशाह है नौकरी मांगो तो लाठियां बरसाती है!

स्मोक बम फेंकनेवाली महिला की भड़ास

छह आरोपियों में से दो हुए फरार
सभी आरोपी निकले बेरोजगार
गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग

रमेश ठाकुर / नई दिल्ली

देश में चारों तरफ खुशहाली का दावा करनेवाली मोदी सरकार के खिलाफ कल कुछ युवाओं ने संसद में ‘हल्ला बोल’ कर दिया। दो युवकों ने लोकसभा में जबकि एक युवक व एक युवती ने संसद के बाहर स्मोक बम के साथ प्रदर्शन किया। स्मोक बम फेंकनेवाली महिला का नाम नीलम देवी है और उसने पकड़े जाने के बाद ‘भारत माता जिंदाबाद’ के नारे लगाए तथा मोदी सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकालते हुए साफ कहा कि उसका प्रदर्शन इस तानाशाह सरकार के खिलाफ है। इस सरकार से नौकरियां मांगो तो यह लाठियां बरसाती है। मीडिया द्वारा पूछे जाने पर उसने कहा कि वह किसी संगठन या पार्टी से जुड़ी नहीं है और बेरोजगारी से परेशान है तथा सरकार व देश का ध्यान इस ओर आकृष्ट करने के लिए उसने ये कृत्य किया है। इस घटना के बाद विपक्ष ने गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की है।
नौकरी मांगो…(पेज १ का बाकी)
बता दें कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कल यहां सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली। ठीक एक बजकर एक मिनट का वक्त था। भाजपा सांसद खगेन मुर्मु लोकसभा में बोल रहे थे, तभी दो युवक विजिटर गैलरी से कूदे और उन्होंने वहां ‘स्मोक बम’ फेंककर चारों ओर अफरा-तरफी मचा दी। दोनों युवक विजिटर बनकर संसद की कार्यवाही देखने पहुंचे थे। सत्र के दौरान उन्होंने दर्शक दीर्घा से अचानक छलांग लगाई और सांसदों के नजदीक पहुंचकर पीले रंग का स्मोक बम फोड़ दिया। इसके साथ ही उन्होंने ‘तानाशाही से आजादी’ जैसे नारे भी लगाए। हालांकि, उनको सांसदों ने खुद से दबोचकर सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया। एक आरोपी का नाम सागर सरना है, जिससे पूछताछ हो रही है। इसके अलावा एक युवक और युवती ने संसद के बाहर भी ऐसी ही हरकत की। सभी आरोपी मैसूर से भाजपा सांसद प्रताप सिन्हा की सिफारिश पर कार्यवाही देखने पहुंचे थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कुछ छह आरोपी थे, इनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दो फरार बताए जा रहे हैं। सभी आरोपी बेरोजगार बताए जा रहे हैं। बता दें कि बुधवार को संसद पर २२ वर्ष पूर्व हुए हमले की बरसी थी। सुबह सभी सांसदों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और फिर सत्र की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचे। चार नंबर गेट से आरोपी युवाओं ने विजिटर बनकर प्रवेश किया था। स्मोक बम के जरिए आरोपी दहशत पैâलाना चाहते थे या कोई संदेश? इन सभी सवालों की पूछताछ एजेंसियां आरोपियों से कर रही हैं। वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय ने बताया कि घटना को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, सभी आरोपियों का नार्को टेस्ट होना चाहिए, वहीं विपक्षी दलों ने घटना के पीछे किसी गहरी साजिश का अंदेशा जताया है। लोकसभा अध्यक्ष ने घटना की जांच के आदेश देकर सत्र की कार्यवाही को सुचारू रूप से चालू रखा।

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