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ये लोकतंत्र की हत्या और संविधान का अपमान है! … सुप्रिया सुले ने बोला केंद्र सरकार पर हमला

सामना संवाददाता / मुंबई
राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, ‘ये लोकतंत्र की हत्या है और संविधान का अपमान है। ये देश संविधान से चलता है। जिस तरह से १४१ सांसदों को निलंबित किया गया है, ये गलत है। मैं इसका निषेध करती हूं। ऐसा लग रहा है कि इस देश में इमरजेंसी है।
बता दें कि मनीष तिवारी, शशि थरूर, सुप्रिया सुले, डिंपल यादव, फारूक अब्दुल्ला, कार्ति चिदंबरम, सुदीप बंदोपाध्याय, दानिश अली, राजीव रंजन सिंह सहित कई लोकसभा सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। बारामती से सांसद सुप्रिया सुले और शिरूर से सांसद अमोल कोल्हे ने मंगलवार को लोकसभा से अपने निलंबन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे भारत के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में ‘काला दिन’ बताया। सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, ‘आज का दिन एक काला दिन है।’ भाजपा सरकार ने केवल चर्चा की मांग करने को लेकर – चाहे वह सुरक्षा उल्लंघन पर हो या प्याज की कीमतों में वृद्धि पर लोकसभा सांसदों को निलंबित कर दिया है, जिसमें मुझे मिलाकर कुल १४१ सांसद शामिल हैं। सरकार पर निशाना साधते हुए सुले ने कहा कि देश के सामने मौजूद गंभीर मुद्दों के प्रति जवाबदेही से बचने के लिए और विधेयकों को बिना चर्चा के पारित करने के लिए सांसदों को निलंबित किया गया है।

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