मुख्यपृष्ठग्लैमर‘यह इंडस्ट्री का कड़वा सच है!’-तब्बू

‘यह इंडस्ट्री का कड़वा सच है!’-तब्बू

तमाम टीवी चैनलों पर प्रसारित होनेवाले क्राइम शोज में अपने दमदार अभिनय का जलवा बिखेरने वाली उभरती अदाकारा तब्बू ने हाल ही में एक फीचर फिल्म की है। इसके अलावा एक इंटरनेशनल ब्रांड के प्रिंट सूट को थाईलैंड में गुलजार किया है। प्रस्तुत है नवोदित अदाकारा तब्बू से सोमप्रकाश ‘शिवम’ की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

अपने हालिया कंप्लीट किए प्रोजेक्ट्स के बारे में बताएं?
मैंने हाल ही में एक इंटरनेशनल ब्रांड के लिए प्रिंट सूट को थाईलैंड में पूरा किया है। इसके अलावा मेरी एक वेब सीरीज बूम चैनल पर रिलीज के लिए तैयार है और एक डिजिटल फिल्म ‘द परफेक्ट स्क्रिप्ट’ में मैं पहली बार राहुल देव के साथ काम करती नजर आऊंगी। बाकी टीवी सीरियलों में तो मैं निरंतर कहीं-न-कहीं काम करती ही रहती हूं।

फिल्म ‘द परफेक्ट स्क्रिप्ट’ में निभाए अपने किरदार के बारे में बताएं?
इस फिल्म में मेरा एक बहुत ही दमदार किरदार है। इसके अलावा मैं इस फिल्म में एक आइटम नंबर भी करती नजर आऊंगी। फिल्म जल्द ही किसी बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी।

आपकी शॉर्ट फिल्म ‘द गिफ्ट’ को मिले अवॉर्ड को आप वैâसे देखती हैं?
मेरे लिए मेरे काम से ज्यादा और कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। मेरा कर्तव्य है कि मैं जिस किसी भी प्रोजेक्ट में काम करूं उसे शत-प्रतिशत अच्छा करूं, यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि पिछले नासिक फिल्म फेस्टिवल में मेरी शॉर्ट फिल्म ‘द गिफ्ट’ को सम्मान दिया गया। मैं आगे भी उम्दा अभिनय करने के लिए संघर्षरत हूं। मेरी कोशिश रहेगी कि मैं और भी अच्छा काम करूं, ताकि दर्शकों को मेरे काम से कोई शिकायत न रहे।

आप टीवी-फिल्म दोनों के लिए प्रयासरत हैं, आखिर जाना कहां है?
मेरा लगाव सदैव फिल्मों की ओर ज्यादा रहा और उसी के लिए मैं प्रयासरत हूं। टीवी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। मेरे अभिनय की शुरुआत भी टीवी से हुई है, इसमें कोई संदेह नहीं, लेकिन मैं टीवी की लगातार दिन-रात की शूटिंग से बचना चाहती हूं और फिल्मों में ज्यादा काम करना चाहती हूं। मेरा कोई फिल्मी बैकग्राउंड न होने के चलते मुझे यहां पर ज्यादा संघर्ष करना पड़ रहा है।

सिनेमा में कास्टिंग काउच को आप कैसे देखती हैं?
मेरे साथ तो कभी ऐसा कुछ हुआ नहीं है तो मुझे इसका ज्यादा अनुभव तो नहीं है लेकिन इस तरह की खबरें जब मीडिया से जानकारी में आती हैं तो जरूर पता चलता है कि इंडस्ट्री का एक कड़वा सच यह भी है। क्योंकि बिना कुछ घटित हुए इतनी चर्चा नहीं हो सकती। इसलिए मुझे आभास जरूर होता है कि यहां पर काम पाने का एक यह भी जरिया बना रखा है लोगों ने।

बॉलीवुड की हसीनाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन को आप कैसे देखती हैं?
मैं तो कोई नशा नहीं करती जो करते हैं यह उनका अपना लुकआउट है। मैं क्या बोलूं? लेकिन हां, यह सब गलत है जो लोग नशे का सेवन करते हैं एक तो वह स्वयं के पैसे को बर्बाद कर रहे होते हैं ऊपर से वह अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी करते हैं। मैं ऐसे लोगों से संपर्क में न रही हूं और न कभी रहना पसंद करूंगी।

नई लड़कियों को काम पाने के लिए यहां किन चुनौतियों का ज्यादा सामना करना पड़ता है?
बॉलीवुड में हर किसी को नामचीन चेहरे की तलाश रहती है फिर वह चाहे सोशल मीडिया पर प्रभावी हो या फिर सिने जगत में, ऐसे में नई लड़कियों को दरकिनार कर उन्हें छोटे-मोटे किरदारों तक ही सीमित कर दिया जाता है। न्यूकमर होने के नाम पर कभी चयनकर्ता उनके टैलेंट को नहीं देखते। मेरे हिसाब से अक्सर नई प्रतिभाओं को इस तरह की चुनौतियों से इंडस्ट्री में जूझना ही पड़ता है।

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