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ये है ईडी का असली चेहरा… ८ किलोमीटर पीछा करके दबोचा गया ‘ईडी’ अधिकारी!

सामना संवाददाता / चेन्नई

केंद्र की मोदी सरकार के पास विपक्षी पार्टियों को दबाने के लिए मुख्य दो हथियार हैं ईडी और सीबीआई। इस ईडी का असली चेहरा सामने आया है। ईडी के एक रिश्वतखोर अधिकारी को तमिलनाडु पुलिस ने ८ किमी पीछा करके पकड़ा है। बता दें कि तमिलनाडु में एक सरकारी अधिकारी से २० लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) अफसर अंकित तिवारी के मामले में अब नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस अधिकारी की जो कहानी सामने आई है, वो हैरान करने वाली है। दरअसल, ईडी अधिकारी अंकित ने ३ करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी, जिसके बाद ५१ लाख रुपये में डील फाइनल हुई थी। इस डील के तहत जब वो रिश्वत की २० लाख रुपए की दूसरी किस्त ले रहे थे, उसी दौरान उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

बता दें कि २९ अक्टूबर को ईडी अधिकारी अंकित तिवारी ने कथित तौर पर एक बंद डीवीएसी मामले के संबंध में डिंडीगुल के एक सरकारी अधिकारी से संपर्वâ किया। अंकित तिवारी ने कथित तौर पर सरकारी अधिकारी को बताया कि पीएमओ ने ईडी से मामले की जांच करने के लिए कहा है और उन्हें जांच के लिए ३० अक्टूबर को मदुरै में ईडी कार्यालय में उपस्थित होना होगा। जब सरकारी अधिकारी मदुरै गया, तो अंकित कथित तौर पर उसकी कार में आया और मामले को बंद करने के लिए ३ करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी। बाद में उन्होंने दावा किया कि अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और ५१ लाख रुपए में ये डील फाइनल की गई। १ नवंबर को सरकारी कर्मचारी ने कथित तौर पर ईडी अधिकारी को २० लाख रुपए की पहली किस्त दी थी।

कार्रवाई की दी थी धमकी

बाद में अंकित ने सरकारी कर्मचारी से पूरी राशि का भुगतान करने के लिए कहा और उसे बताया कि पूरी रकम को ऊपर तक बांटना है। ऐसा न करने पर उसने व्हॉट्सऐप और टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से सरकारी कर्मचारी को गंभीर कार्रवाई की भी धमकी दी। अंकित की गतिविधियों पर संदेह बढ़ने के बाद सरकारी अधिकारी ने ३० नवंबर को डीवीएसी की डिंडीगुल इकाई में शिकायत दर्ज की।

२० लाख रुपए की दूसरी किस्त लेते हुए गिरफ्तार

अब उनकी गिरफ्तारी के बाद पता चला है कि अंकित ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया। डीवीएसी ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था और उन्हें २० लाख रुपए की रिश्वत की दूसरी किस्त लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया गया। बता दें कि आरोपी अफसर को पुलिस ने ८ किलोमीटर तक पीछा करने के बाद गिरफ्तार किया था।

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