मुख्यपृष्ठनए समाचारएक मंडप में एक साथ तीन पीढ़ियों ने लिए सात फेरे !

एक मंडप में एक साथ तीन पीढ़ियों ने लिए सात फेरे !

•…फिर माता-पिता ने किया कन्यादान
•सोनभद्र जिले का एक परिवार, जहां प्रेम विवाह बन गई परंपरा, बेटी की जिद ने की नई शुरुआत

विक्रम सिंह / सोनभद्र । है न अचरज की बात, एक साथ एक मंडप में दादा-दादी, माता-पिता व भाई-भाभी ने शादी रचाई। इसके बाद तब जाकर पिता ने बेटी का कन्यादान किया। ये अंनूठा एवं रोचक घटनाक्रम घटित हुआ यूपी के सोनभद्र जिले में।
इस शादी में एक ही मंडप में पहले दादा-दादी, फिर माता-पिता और भाई-भाभी का विवाह हुआ। इसके बाद बेटी का कन्यादान किया गया। इस शादी को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे इलाके में अभी तक चर्चा हो रही है।
सोनभद्र के दुद्धी तहसील का दिघुल गांव गत सोमवार को अनूठी शादी का गवाह बना।
दिघुल गांववासी नंद कुमार की बेटी सपना की शादी तय थी। शादी की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई। अब बारी थी सपना का कन्यादान कर खुशी-खुशी उसे ससुराल विदा करने की। तभी गांव के लोगों के बीच यह चर्चा होने लगी कि सपना का कन्यादान कौन करेगा? दरअसल, दुल्हन सपना के माता-पिता से लेकर दादा-दादी या फिर उनके बड़े भाई का प्रेम विवाह हुआ है। हिंदू परंपरा के अनुसार, विवाह की रस्में नहीं हुई थीं। ऐसे में लोगों के बीच उनकी शादी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं थीं।

दूल्हे को जयमाल डालती सपना

ये बात जब दुल्हन सपना को पता चली तो उसने यह कहते हुए खुद शादी करने से मना कर दिया कि जब तक उनके माता-पिता व दादा-दादी और बड़े भाई की शादी सामाजिक रीति रिवाज से नहीं होगी, वह भी शादी नहीं करेगी। इसपर सपना के दादा-दादी, माता-पिता व बड़े भाई व भाभी का विवाह हिंदू रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ। तब जाकर सपना ने सात फेरे लिए और उनके पिता नंद कुमार ने उसका कन्यादान किया।

अब इस अनोखी शादी की चर्चा दूर-दूर तक हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नंद कुमार के घर में प्रेम विवाह एक परंपरा बन गया था, लेकिन बेटी की वजह से नई परंपरा की शुरुआत हुई है।

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