" /> काल बनी कलह!

काल बनी कलह!

परिवार हो रहे हैं हिंसा के शिकार
करीब डेढ़ साल पहले महिलाएं और बच्चे शिकायत करते थे कि उनके पति या पिता के पास परिवार के लिए वक्त ही नहीं होता है। लेकिन कोरोना काल में हालात पूरी तरह बदल गए हैं। लॉकडाउन में नौकरी गंवाने या फिर वर्क प्रâॉम होम के नए चलन के कारण बहुत से कामकाजी लोग ज्यादा-से-ज्यादा समय घर में ही रहने को मजबूर हो गए हैं। अब खासकर पतियों का ज्यादातर समय घर में रहना कई परिवारों में कलह का कारण बनता जा रहा है। कलह के कारण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन पति-पत्नी के बीच बढ़ती कलह की आग में परिवार जलने लगे हैं। नौबत गाली-गलौज, मारपीट से मर्डर तक पहुंचने लगी है। इसकी सजा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बच्चों को भुगतनी पड़ रही है। इसके उदाहरण देश भर में देखने को मिल रहे हैं।
 डॉक्टर दंपति ने कर ली आत्महत्या
 हैवान बाप ने किया बच्चों का कत्ल
बीते सप्ताह हाथरस कोतवाली क्षेत्र में एक शख्स ने पत्नी पर फावड़े से हमला करने के बाद खुद को चाकू मारकर आत्महत्या करने की कोशिश की। लॉकडाउन में नौकरी जाने से दंपति में आर्थिक तंगी के कारण कलह चल रही थी। ऐसी घटनाएं पूरे देश में घट रही हैं। लेकिन शिकार सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष और बच्चे भी हो रहे हैं। पुणे पुलिस की ट्रस्ट सेल द्वारा जारी आंकड़ों की माने तो गत १५ महीनों में अकेले पुणे जिले में घरेलू हिंसा की ३,०७५ शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें १,५३५ शिकायत पुरुषों ने दर्ज कराई हैं। लॉकडाउन के पहले चरण में यह संख्या १,०४३ थी, जिसमें ७९१ औरतें और सिर्फ २५२ पुरुष पीड़ित थे। लेकिन ज्यादा समय साथ रहने से खासकर महिलाओं के सब्र का बांध टूटने लगा है। पीड़ित पुरुषों की संख्या में ६ फीसदी बढ़ोत्तरी इसका प्रमाण है। लोग मरने-मारने को उतारू हो जा रहे हैं।
डॉक्टर्स डे पर डॉक्टर दंपति की मौत
कोरोना काल में जब पूरी दुनिया मौत के डर और महामारी से जूझ रही थी, उस दौरान डॉक्टरों ने लोगों को मौत के बचाने और महामारी से लड़ने का साहस दिया। इसलिए १ जुलाई को पूरी दुनिया डॉक्टर्स डे मनाकर डॉक्टरों के योगदान के लिए आभार व्यक्त कर रही थी। लेकिन उसी दौरान पुणे में हुई एक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। पुणे के एक डॉक्टर दंपति के बीच घरेलू कारणों से कुछ अनबन चल रही थी। वनवाणी थाना क्षेत्र के आजाद नगर में रहनेवाले डॉक्टर पति-पत्नी में बुधवार को भी किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद पहले पत्नी, फिर पति ने आत्महत्या कर ली। दोनों की पहचान अंकिता निखिल शेंडकर (२६) और निखिल दत्तात्रेय शेंडकर (२८) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अंकिता और निखिल दोनों अलग-अलग जगहों पर प्रैक्टिस कर रहे थे। बुधवार की रात करीब आठ बजे जब निखिल घर पहुंचा तब तक अंकिता घर में फंदे से लटकी मिली। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद अंकिता के शव को उसके भाई को सौंप दिया गया। पत्नी की आत्महत्या का सदमा सह न पाने पर निखिल ने गुरुवार सुबह करीब सात बजे फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
बाप ने बच्चों को दिया जहर
घरेलू हिंसा का एक अन्य सनीसनीखेज मामला मुंबई के मानखुर्द इलाके में सामने आया है। पत्नी से घरेलू विवाद के बाद आरोपी पति ने अपने तीन बच्चों को आइस्क्रीम में चूहे मारने का जहर मिलाकर खिला दिया। इससे उनके पांच साल के बेटे की मौत हो गई, जबकि बाकी दोनों बच्चों में एक ७ साल की बेटी व दूसरे २ साल के बेटे का अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोपी की पत्नी ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दी। मानखुर्द पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।