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एसी में हो रही है समय की ऐसी-तैसी! बेस्ट से २ किलोमीटर के सफर के लिए यात्रियों को लग रहे हैं ४५ मिनट

  • एसी बसों में कंडक्टर न होने का यात्रियों ने जताया विरोध

अभिषेक कुमार पाठक / मुंबई
बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) द्वारा चलाई जानेवाली एसी बसें आम लोगों की सुविधा के लिए जितनी अच्छी हैं उतना ही तकलीफ देह भी हैं। खासकर शार्ट रूट पर चलने वाली बसों में कंडक्टर का न होना यात्रा करनेवाले यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। दरअसल, शॉर्ट रूट पर चलनेवाली बसों में बेस्ट द्वारा कंडक्टर की सुविधा नहीं दी गई है। बस में कंडक्टर की सुविधा देने की जगह पर सोर्स बस स्टॉप पर कंडक्टर दिए जा रहे हैं, जो बस में चढ़े लोगों को टिकट देते हैं। बीच के बस स्टॉपों पर बस में चढ़े यात्रियों के लिए अगले बस स्टॉपों पर मौजूद कंडक्टर बस में चढ़ कर टिकट देता है और टिकट देने के बाद वहीं वापस उतर जाता है। इस दौरान कई बार बसों में ज्यादा भीड़ होने के कारण यात्रियों को टिकट देने में काफी समय लगता है, जिसकी वजह से पहले से यात्रा कर रहे अन्य यात्रियों को देरी होती है और उनका वक्त बर्बाद होता है।

कुछ ऐसा ही तजुर्बा कांदिवली- पूर्व स्थित संस्कृति अपार्टमेंट से बोरीवली स्टेशन जानेवाली बस ४७९ भी कंडक्टर न होने की वजह से कई बार गंतव्य तक देरी से पहुंचती है। यात्रा कर रहे एक यात्री ने बताया कि बस का इंतजार करने के अलावा अन्य बस स्टॉप पर लोगों को टिकट देने के दौरान हमें बस के चलने का इंतजार करना पड़ता है, जिसकी वजह से कई बार पहले से तय ट्रेन छूट जाती है। कई बार इस रूट पर बस से यात्रा करने में ४५ मिनट से ज्यादा समय लग जाता है।
क्या होती हैं अन्य दिक्कतें?
कई बार एक बस का टिकट देते वक्त दूसरी बस पीछे आकर खड़ी हो जाती है। इससे सड़कों पर जाम लग जाता है। ऐसे में अपनी बारी के इंतजार में उस बस के यात्रियों का समय तो बर्बाद होता ही है, बस के खड़े रहने से दूसरे वाहन चालकों को भी इससे परेशानी होती है, जिसकी वजह से लोगों को देरी का सामना करना पड़ता है। इसके अलांवा यदि जाम देरी तक रह गया तो इससे वायु और ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ता है। अधिकतर यह समस्या पीक समय पर देखने को मिलती है।
इस मुद्दे पर जनसंपर्क अधिकारी मनोहर गोसावी ने बताया कि वेट लीज पर ली गई बसों के साथ हमें सिर्फ ड्राइवर मिले हैं, कंडक्टर की सुविधा इतनी नहीं है। इसलिए शार्ट रूट पर हम अधिकतर सोर्स स्टॉप पर एक कंडक्टर रखते हैं, जो एक बार में सारा टिकट ले सके। बस संख्या ४७९ के बारे में उन्होंने कहा कि बोरीवली स्टेशन के मार्ग में कई जगह मरम्मत कार्य के लिए सड़क खोदी गई है, जिसकी वजह से देरी होना स्वाभविक है।

हर रोज बोरीवली लाइब्रेरी जाने के लिए मैं ४७९ बस का इस्तेमाल करता हूं। दोपहर में भी उतना ही समय लगता है, जितना सुबह पीक समय में। अगर हर बस में अपना कंडक्टर हो तो यात्रा के समय बस रोककर टिकट देने के दौरान होनेवाली देरी को खत्म किया जा सकता है।
– सोमेश कुमार

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