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गुलामी से बचने के लिए तानाशाही खत्म करना जरूरी है!… उद्धव ठाकरे का सत्ताधारियों पर चला चाबुक

सामना संवाददाता / मुंबई

देश में सत्ताधारियों की चल रही तानाशाही को हमें अभी खत्म करना होगा, अन्यथा हम फिर से सिर नहीं उठा सकेंगे। आम जनता को हमेशा गुलाम बनकर रहना पड़ेगा। मैं ऐसा कदापि नहीं होने दूंगा। इसीलिए ही मैं यह लड़ाई लड़ रहा हूं। ऐसे शब्दों में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल सत्ताधारियों पर जोरदार चाबुक चलाया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मेरी लड़ाई किसी एक व्यक्ति के विरोध में नहीं, बल्कि प्रवृत्ति के खिलाफ है। जनता को क्या चाहिए ये सरकार को समझ में नहीं आ रहा है तो जनता की आवाज सरकार के कानों तक वैâसे पहुंचानी है, यह शिवसेना को अच्छी तरह से पता है। घाती गुट, भाजपा और मनसे के कामकाज से परेशान हो चुके ठाणे, पालघर के सैकड़ों पदाधिकारियों ने कल शिवसेना में सार्वजनिक तौर पर प्रवेश किया। `मातोश्री’ निवास स्थान में हुए पक्ष प्रवेश समारोह में उद्धव ठाकरे बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमेशा सत्ता दल में लोग शामिल होते हैं। लेकिन मौजूदा समय में हमारे पास सत्ता न होते हुए भी कई लोग शिवसेना में शामिल हो रहे हैं, क्योंकि देश में तानाशाही से गरीब जनता प्रचंड रूप से त्रस्त हो चुकी है। इसीलिए ही पालघर में सत्ता दल में फूट पड़ गई है। लड़ाकू सैनिक हमारे साथ आए हैं। इसलिए राजनीति में गद्दारों को गाड़ने में अब समय नहीं लगेगा। इस तरह का विश्वास भी उन्होंने इस दौरान जताया।
हिंदूहृदयसम्राट दुनिया में केवल एकमेव!
केवल देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में `हिंदूहृदयसम्राट’ यानी केवल और केवल एकमेव वंदनीय शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे! हालांकि, घाती गद्दारों की ओर से उनकी यह उपाधि चुराने का प्रयास शुरू है, लेकिन यह कदापि संभव नहीं। लड़ाकू सैनिक ऐसे गद्दारों को गाड़े बिना नहीं मानेंगे। ऐसे गद्दारों को गाड़ने के लिए बड़ी तादाद में शिवसेना में लोग शामिल हो रहे हैं। इन शब्दों में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल गद्दारों पर गरजते हुए उनकी जमकर खबर ली।

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