मुख्यपृष्ठसमाचारशिंदे सरकार की कछुआ चाल... मीठी नदी पुनर्जीवन परियोजना बनी मजाक!

शिंदे सरकार की कछुआ चाल… मीठी नदी पुनर्जीवन परियोजना बनी मजाक!

-मविआ सरकार में शुरू हुई योजना अभी तक नहीं हुई पूरी

सामना संवाददाता / मुंबई 

महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव बालासाहेब ठाकरे की अगुवाई में अक्टूबर २०२१ को शुरू की गई मीठी नदी पुनर्जीवन परियोजना टनल बनाने का काम अब पूरा हुआ है। इस परियोजना के तहत नदी में गंदे और सीवरेज पानी को रोक लगाईं जा सकेगी। परियोजना को दरअसल डेढ़ साल में पूरा करने की योजना थी, लेकिन शिंदे सरकार की धीमी ऱफ्तार के चलते यह टनल बनाने परियोजना काफी विलंब से अंतिम चरण तक पहुंची है। बता दें कि बुधवार को मनपा को सीवेज सुरंग के दूसरे चरण सुरंग खोदने का  काम पूरा करने में सफलता मिली है
आघाडी सरकार ने यह दावा किया गया था की मीठी नदी के इस पुरे कार्य को केवल डेढ़ साल में पूरा किया जाएगा। लेकिन शिंदे सरकार के कार्यकाल में इसे पूरा करने में ४ साल लग गए। शिवसेना के वर्क लिस्ट में नदी का चौड़ीकरण, जल निकासी लाइनों का मोड़, पहुंच के लिए इसके किनारों पर एक रिटेनिंग दीवार और सर्विस रोड का निर्माण शामिल था।
गंदगी हटाने में लगेगा समय
मीठी नदी पुनर्जीवन परियोजना के तहत, बीएमसी चार चरणों में नदी को साफ करने और इसे कीटाणुरहित करने का काम करने वाली है। इसमें नदी के किनारे अतिक्रमण हटाना भी शामिल है। हालांकि, इस पर नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वहां के गंदगी को हटाने में थोड़ा समय लग सकता है।
निविदाएं आमंत्रित
दहिसर, पोयसर और ओशिवारा नदियों के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। मीठी नदी के काम के साथ, यहां पर्यटन और कृत्रिम झील का काम किया जाएगा। इसके लिए एक सलाहकार नियुक्त किया जाएगा और ५० करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। क्रमश: छोटे नालों, बड़े नालों और मिथिला नदी से गाद हटाने के लिए ६२, ८० और ५७ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वर्षा जल संचयन के विभिन्न कार्यों के लिए १,१४९.७४ करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है।
प्रदूषण नियंत्रण योजना ४ चरण में लागू प्रथम चरण: पवई में फिल्टर पाडा का निर्माण, सीवरेज लाइन बिछाने, सर्विस रोड का निर्माण, प्रतिदिन ८ मिलियन लीटर की क्षमता के साथ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण।
द्वितीय चरण: पवई सहित कुर्ला में सुरक्षात्मक दीवार, सर्विस रोड, सीवरेज बिछाने के लिए ५७० करोड़ रुपए का वर्क ऑर्डर दिया गया है।
तीसरे चरण: रिटेनिंग वॉल, सर्विस रोड, सीवरेज, ब्रिज जैसे कामों के लिए १,८७५ करोड़ रुपए। चारों में बापट नाला से सफेद पूल नाला से घाटकोपर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक २७० करोड़ रुपए की लागत से सुरंग का काम शामिल है और बजट में ३४७ करोड़ रुपए प्रदान किए गए हैं।
डेढ़ साल का काम चार साल में 
इस परियोजना को उद्धव बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना द्वारा अक्टूबर २०२१ में इस शुरू किया गया था और साल २०२३ तक इसे पूरा करने का वादा किया था। मनपा ने मीठी नदी के पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए २.६० मीटर व्यास वाली भूमिगत सीवेज सुरंग की खुदाई का काम शुरू किया था। इसके बचे हुए काम के लिए मनपा ने दावा किया है कि यह काम ३० सितंबर २०२५ तक हो जाएगा। लेकिन काम की रफ्तार देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह २०२५ तक भी यह पूरा नहीं हो पाएगा।

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