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बिना काम के गद्दार शासक! जरांगे की एसआईटी जांच पर गरजे उद्धव ठाकरे, सरकार पर किया जोरदार हमला

सामना संवाददाता / मुंबई
मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन की एसआईटी जांच के मुद्दे पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल गद्दार सरकार पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि कोई मांग कदाचित गलत हो सकती है अथवा उसे पूरा करना संभव नहीं है तो उसे विश्वास में लेना शासक का काम होता है। उसे अपराधी ठहराना शासक का काम नहीं होता है। यदि शासक ऐसा है तो वह बिना काम का होता है। इस तरह गरजते हुए उद्धव ठाकरे ने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि जरांगे पाटील के पीछे पड़ने की अपेक्षा उनकी मांगों के पीछे लगें।
विधानमंडल में कल बजट पेश किया गया। उसके बाद विधान भवन परिसर में उद्धव ठाकरे ने मीडिया से संवाद साधा। इस बीच पत्रकारों ने जरांगे पाटील के आंदोलन की एसआईटी जांच के बारे में पूछा। इसके साथ ही पत्रकारों ने कहा कि जरांगे के पैरवीकार होने का आरोप आप के साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार और राजेश टोपे पर लगाया जा रहा है। इसका जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह बहुत ही असभ्य तरीका है। मुंबई में `इंडिया’ बैठक हुई, उसी दिन शाम को जालना में आंदोलनकारियों पर अमानवीय लाठीचार्ज की गई थी। उन पर आंसू गैस छोड़े गए थे। छर्रों वाली बंदूकों का इस्तेमाल किया गया था। उस घटना के बाद मैं और राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार हम दोनों ही जरांगे समेत आंदोलनकारियों से मिले थे। उद्धव ठाकरे ने कहा कि महिलाओं के सिर फोड़े गए थे। जिस तरह आतंकी घुसते हैं, वैसा व्यवहार उनके साथ किया गया था।
पुलिस महानिदेशक से लो रिकॉर्ड
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मौजूदा पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला ने फोन टैपिंग में महारात हासिल की हुई है। जालना के आंदोलनकारियों से मिलने के बाद हमारे अलावा जरांगे को किसने और कितना फोन किया है, उसका रिकॉर्ड देवेंद्र फडणवीस को उनसे लेना चाहिए।
अब जरांगे पाटील को आतंकवादी ठहराएंगे क्या?
जरांगे पाटील को सरकार यह बताने की कोशिश क्यों नहीं कर रही है कि वे वास्तव में क्या गलत कर रहे हैं? इस तरह का सवाल उद्धव ठाकरे ने खड़ा किया। उत्तर भारत के किसान जब दिल्ली में आंदोलन के लिए बैठे थे, तब उन्हें आतंकी ठहराने तक भाजपा ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। अब क्या वे जरांगे पाटील को आतंकी ठहराएंगे क्या? मतलब यह है कि कोई भी न्याय और अधिकार के लिए आगे नहीं आए क्या? इस तरह का गुस्सा भी उन्होंने जाहिर किया।
जरांगे की जांच `पूरी तरह’ से करो
सरकार का यह आरोप होगा कि जरांगे पाटील के पीछे हम हैं, तो महीनेभर पहले गुलाल किसने उड़ाया था? पटाखे किसने फोड़े थे? इस तरह का सवाल भी उद्धव ठाकरे ने सरकार से पूछा। वह पटाखे और गुलाल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ओएसडी मंगेश चिवटे ने जरांगे को लाकर दिया था। उसे लेकर उद्धव ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि जरांगे की एसआईटी जांच कर रहे हो तो जांच `पूरी तरह’ से करो, बीच में मत छोड़ो।

तानाशाह को दिखाओ
मराठी बंधुओं की ताकत
मराठी भाषा दिन पर
उद्धव ठाकरे का आह्वान
स्वतंत्रता से जिनका रंच मात्र का भी संबंध नहीं था, उनकी गुलामी को स्वीकार करना पड़ रहा है क्या? इस तरह की स्थिति देश में है। राज करना यानी बदला लेना नहीं, यह यदि आज की सरकार को कहते हैं तो उनके पीछे एसआईटी लगाते हैं, ईडी, इनकम टैक्स, सीबीआई छोड़ते हैं। ऐसे वक्त में आप केवल मराठी भाषा दिन मनाएंगे अथवा मराठी बंधुओं की ताकत तानाशाह को दिखाएंगे, यह तय करने का समय आ गया है। इस तरह का आह्वान शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल मराठी भाषा दिन के अवसर पर स्थानीय लोकाधिकार समिति महासंघ की ओर से आयोजित विशेष सम्मेलन में तमाम मराठी जनता से किया।

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