" /> अस्पताल में कोरोना मरीज के साथ अजब कारनामा….मौत से पहले दो बार मृत!…. पिता की जगह किसी और का शव

अस्पताल में कोरोना मरीज के साथ अजब कारनामा….मौत से पहले दो बार मृत!…. पिता की जगह किसी और का शव

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के एक सरकारी अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए ५८ वर्षीय एक व्यक्ति को उसके असलियत में मरने से एक दिन पहले गलती से दो बार मृत घोषित किया गया। गोरालाल कोरी के बेटे कैलाश ने बताया कि संक्रमण के लक्षण दिखने के बाद उसके पिताजी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि रात में अस्पताल प्रबंधन ने फोन पर बताया कि मेरे पिताजी गंभीर हालत में हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा जा रहा है। वैâलाश ने कहा कि मुझे फिर फोन आया कि मेरे पिताजी बहुत गंभीर हो गए हैं। जब मैं अस्पताल पहुंचा तो एक नर्स ने मुझे बताया कि वे उसे नहीं बचा सके। परिजनों ने बताया कि उन्होंने हमें मृत्यु प्रमाणपत्र दिया लेकिन मेरे भाई ने कहा कि वह अपने पिताजी के शव को देखना चाहते हैं। जब उन्होंने शव दिखाया तो वह मेरे पिताजी का नहीं था। उन्होंने कहा इसके बाद मेरा भाई एक वार्ड में गया और वहां पिताजी को वेंटिलेकर सपोर्ट पर पाया। उसने अस्पताल प्रबंधन से इसकी शिकायत्aा की। परिजनों ने कहा कि इसके बाद उन्होंने हमें दिया हुआ मृत्यु प्रमाणपत्र वापस ले लिया। वैâलाश ने कहा कि शाम को हमें फिर से फोन आया कि वह गले में किये जा रहे एक आपरेशन के दौरान मर गए हैं। जब हम अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल प्रबंधन ने हमें कहा कि वे हमें शव नहीं दे सकते क्योंकि वह कोरोना वायरस संक्रमित थे। उन्होंने कहा कि मैं और मेरा भाई अस्पताल गए और परिवार के अन्य सदस्यों को कहा कि वे श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करने के लिए आएं।