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विधानसभा का दो दिवसीय विशेष अधिवेशन, अध्यक्ष पद का चुनाव आज, शिवसेना ने जारी किया व्हिप, उल्लंघन करने पर जाएगा विधायक पद

सामना संवाददाता / मुंबई
बगावत कर सत्ता में आई नई सरकार ने विधानसभा के अध्यक्ष पद के चुनाव की साजिश रची है। अध्यक्ष पद के लिए शिवसेना की ओर से राजन सालवी तो भाजपा के राहुल नार्वेकर चुनावी मैदान में हैं। हालांकि असली मुकाबला शिवसेना विरुद्ध बागी शिंदे गुट के बीच होगा। इस चुनाव में राजन सालवी को ही वोट करें ऐसा व्हिप शिवसेना की ओर से सभी विधायकों के लिए जारी किया गया है। शिवसेना का यह व्हिप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित सभी बागी विधायकों पर लागू रहेगा। उसका उल्लंघन किया तो निश्चित है, उन विधायकों के पद चले जाएंगे।

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के निर्देश पर विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र ३ और ४ जुलाई को मुंबई में होने जा रहा है। नई सरकार की स्थापना के बाद तत्काल बुलाए गए इस सत्र में आज अर्थात ३ जुलाई को अध्यक्ष पद का चुनाव होगा। इस चुनाव में महाविकास आघाड़ी पूरी ताकत के साथ उतरी है। राजन सालवी को चुनाव जिताने के लिए शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस इन तीनों दलों ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी किया है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के कुछ विधायकों ने बगावत कर भाजपा की मदद से सरकार स्थापित की है फिर भी शिवसेना द्वारा जारी किए गए व्हिप का उन्हें पालन करना होगा, अन्यथा शिंदे गुट के बागी विधायकों पर शिवसेना की ओर से अपात्रता की कार्रवाई की जाएगी।

१६ बागी विधायकों पर लटकी अपात्रता की तलवार
महाविकास आघाड़ी सरकार के विरोध में बगावत करके शिंदे समूह बाहर हो गया है। शिंदे गुट में शामिल १६ विधायकों ने पार्टी के आदेश का पालन नहीं किया इसलिए उन पर अपात्रता की कार्रवाई की जाए। इस आशय की याचिका शिवसेना विधायक दल ने विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि झिरवल के पास दायर की है। इस याचिका को शिंदे गुट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

ध्वनि मत से वोटिंग
विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव ध्वनि मत से यानी खुले तौर पर कराया जाएगा।‌ इससे पहले यह चुनाव गुप्त वोटिंग से कराया जाता था। महाविकास आघाड़ी सरकार ने विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव गुप्त मतदान पद्धति की बजाय खुली पद्धति से कराने के लिए नियमों में संशोधन किया था।

शिंदे गुट को शिवसेना के व्हिप का पालन करना अनिवार्य
बागी विधायकों पर अपात्रता की कार्रवाई का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। शिंदे गुट की बगावत के बाद शिवसेना विधायक दल के नेता के पद से एकनाथ शिंदे को हटाकर अजय चौधरी को नेता चयनित किया गया और सुनील प्रभु को मुख्य प्रतोद की जिम्मेदारी सौंपी गई। विधानसभा उपाध्यक्ष झिरवल ने इसे स्वीकृति प्रदान की है। इधर शिंदे गुट ने बतौर प्रतोद भरत शेठ गोगावले को नियुक्त किया है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्ववाले विधायकों के गुट को शिवसेना अथवा अन्य गुट के तौर पर अभी भी मान्यता नहीं मिली है। लिहाजा, शिवसेना प्रतोद सुनील प्रभु द्वारा जारी किया गया व्हिप का पालन करना शिंदे गुट के लिए अनिवार्य होगा।

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