मुख्यपृष्ठटॉप समाचारसुंजवां में दो विदेशी आतंकी ढेर! ...सीआईएसएफ का एएसआई शहीद

सुंजवां में दो विदेशी आतंकी ढेर! …सीआईएसएफ का एएसआई शहीद

• 11 जवान जख्मी
• हाल ही में सीमा पार से आए थे दोनों फिदायीन जिन्होंने किया हमला 
सुरेश एस डुग्गर। जम्मू, 22 अप्रैल। हाल ही में सीमा पार कर इस ओर आने वाले दो फिदायीनों को सुरक्षाबलों ने 8 घंटों की मशक्कत के बाद उस समय ढेर कर दिया जब वे सीआईएसएफ के जवानों को ड्यूटी पर ले जा रही बस पर हमला करने के उपरांत जम्मू के सुंजवां के जलालाबाद इलाके में एक घर में जा घुसे थे। हमले में सीआईएसएफ का एक एएसआई शहीद हो गया तथा 11 अन्य जवान जख्मी हो गए।

दोनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े हुए थे। यह मुठभेड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांबा दौरे से दो दिन पहले हुई है। पुलिस का दावा है कि आतंकी 24 अप्रैल को सांबा के पल्ली पंचायत में होने वाले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर हमले की फिराक में थे।

सीआईएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि 15 कर्मियों को सुबह की ड्यूटी के लिए लेकर जा रही बस पर चड्ढा कैम्प इलाके के समीप सुबह चार बजकर 25 मिनट पर हमला हुआ। अर्द्धसैन्य बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों ने बस पर गोलियां चलायी और ग्रेनेड फेंका, जिसमें सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) एस पी पाटील शहीद हो गए और बस में बैठे सभी लोग लोग घायल हो गए। सुरक्षाबलों ने भी उचित जवाब दिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 8 घंटों की मुठभेड़ में दो आतंकी भी मारे गए।

सुंजवां में पिछले 19 सालों में यह दूसरा आतंकी हमला था। इससे पहले 28 जून 2003 और 18 फरवरी 2018 में दो बार आतंकियों ने सुंजवां में स्थित ब्रिगेड मुख्यालय पर हमले बोले थे जिनमें कुल 30 लोग मारे गए थे जिनमें 21 जवान भी शामिल थे। आतंकी फिर से सुंजवां कैंप में घुसना चाहते थे लेकिन सेना के हाई अलर्ट पर होने की वजह से ऐसा नहीं हो सका।

मुठभेड़स्थल पर पहुंचे डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि ये प्रदेश में किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है और पीएम मोदी के दौरे से पहले हालात को बिगाड़ने की एक कोशिश थी जिसे नाकाम कर दिया गया। जबकि एडीजीपी मुकेश सिंह ने बताया कि आतंकियों के पास से 3 एके-47 के साथ भारी संख्या में असलहा मिला है। साथ ही दो सैटेलाइट फोन और कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। उनका दावा था कि दोनों आतंकी हाल ही में उस पार से आए थे और तीसरी एके-47 मिलने के कारण यह चिंता का विषय है कि क्या उनका तीसरा साथी भी हो सकता है।

जम्मू जोन के एडीजीपी मुकेश सिंह के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को लगातार ऐसी सूचना मिल रही थी कि आतंकी जम्मू में अपनी नापाक हरकत को अंजाम देने की फिराक में हैं। फिलहाल खतरा टल गया है।

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