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टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल की गोल्डेन जुबली पर कैंसर पीड़ितों के लिए दो पल मुस्कुराहट के!

सामना संवाददाता / मुंबई
मौत की तारीख पता चल जाए तो जिंदगी कितनी दर्दनाक और डरावनी हो जाती है, यह कैंसर के मरीजों से ज्यादा शायद ही कोई और महसूस कर पाता होगा। लेकिन वैंâसर की दर्दनाक और जानलेवा बीमारी के डर को मुस्कुरा कर मात दी जा सकती है। परेल स्थित टाटा मेमोरियल वैंâसर हॉस्पिटल गोल्डेन जुबली के मौके पर मरीजों को ऐसा महसूस करने का अवसर मिला।
बता दें कि बीते मंगलवार को लोकाधिकार सेवा समिति द्वारा आयोजित हास्य कवि सम्मेलन के दौरान टाटा हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम में बड़ी संख्या में मौजूद वैंâसर के मरीज एवं अन्य लोग हास्य कवियों की हास्य कविताओं पर हंस-हंसकर लोट-पोट हो गए। लोकाधिकार सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. चंद्रशेखर आर शुक्ल की पहल पर विशेष रूप से वैंâसर पीड़ितों के लिए आयोजित इस हास्य कवि सम्मेलन का मकसद मरीजों का उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित करना भी था। इस अवसर पर हास्य कवि सुरेश मिश्र के जादुई संचालन में आश करण अटल, दिनेश बावरा, राना तबस्सुम, संजय बंसल, ज्ञान प्रकाश गर्ग और अनिल तिवारी ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को लोट-पोट कर दिया। इस अवसर पर टाटा मेमोरियल सेंटर के डायरेक्टर डाक्टर आर. ए. वडवे ने कहा कि हंसी से बड़ी कोई दवा नहीं होती है, भयावह रोग कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहे मरीजों की खिलखिलाहट देखकर लगता है कि ऐसे कार्यक्रम हर दूसरे महीने करने चाहिए। डॉ. श्याम किशोर श्रीवास्तव, डॉ. जयप्रकाश अग्रवाल, डॉ. सुदीप गुप्ता, डॉ. श्रीपद बनवली, डॉ. निशु गोयल का शाल, श्रीफल सम्मान चिह्न व पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। संस्था के सचिव प्रभाकर शुक्ल ने बताया कि टाटा हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. आर ए बड़वे के नेतृत्व में ७ ऐसे डॉक्टरों को सम्मानित किया गया, जो कोरोना काल में मरीजों का इलाज करते-करते खुद कोरोना से ग्रस्त हो गए थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिव प्रभाकर शुक्ल (रिंकू) व संस्था मीडिया प्रभारी आदेश मिश्र का प्रयास सराहनीय रहा। इस अवसर पर समाजसेवी डॉ. विजय पंडित, `दोपहर का सामना’ के निवासी संपादक अनिल तिवारी, अमित तिवारी, रामबिलास पाठक, सूर्यनाथ सिंह, दलजीत पांडेय, चंद्रेश दुबे, राजेश सिंह, राजू भाई, संतोष पाठक, चंद्रमणि सिंह, अवधेश तिवारी, राजन सिंह, प्रताप बेलवलकर, रामतीर्थ शर्मा, सचिन गुप्ता, सुबास माने, सूरज शुक्ल, विजय मिश्र, अमित सिंह तथा नर्स, डॉक्टर, समाजसेवी व कई अन्य पत्रकार बंधु प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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