मुख्यपृष्ठनए समाचारधाराशिव में गरजे उद्धव ठाकरे ...जितना बड़ा भ्रष्टाचार उतनी बड़ी गारंटी!

धाराशिव में गरजे उद्धव ठाकरे …जितना बड़ा भ्रष्टाचार उतनी बड़ी गारंटी!

सामना संवाददाता / मुंबई
अजीत पवार पर प्रधानमंत्री मोदी ने ७० हजार करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और कुछ ही घंटों में वे उनके साथ हो लिए। जितना बड़ा भ्रष्टाचार उतना बड़ा पद! यही मोदी की गारंटी है। आरोप भी करना है और पदों की खैरात भी बांटनी है, यही भाजपा की नीति है। सभी भ्रष्ट व्यक्तियों को इकट्टा करके हिंदुत्व की डींगें हाक रहे हैं। ये हिंदुत्व क्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को मंजूर है? ऐसा तीखा सवाल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने किया। पश्चिम बंगाल में गंगोपाध्याय नामक न्यायाधीश ने भाजपा का गोमूत्र छिड़का। न्यायाधीश होते हुए इसी गंगोपाध्याय ने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ कई पैâसले दिए हैं। फिर आप जिस कुर्सी पर बैठे हैं, उसकी पवित्रता रखी है इसका क्या सबूत? शातिर नार्वेकर का हाल भी वैसा ही है। लोकसभा उम्मीदवारी का लालच देकर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को हमारे खिलाफ पैâसला देने के लिए मजबूर किया। इस तरह का सीधा आरोप शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को सार्वजनिक सभा में लगाया। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के तूफानी जनसंवाद से धाराशिव जिला पूरी तरह से भगवामय हो गया।
क्या मणिपुर की महिलाएं, महिला पहलवान
मोदी का परिवार नहीं? -उद्धव ठाकरे
धाराशिव जिले के कलंब में कल कृषि उत्पन्न बाजार समिति मैदान में उद्धव ठाकरे के ज्वलंत विचारों को सुनने के लिए अथाह जनसागर उमड़ पड़ा था। अपने भाषण की शुरुआत में ही उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर हंटर चला दिया। उन्होंने कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार चल रहा है। वे बोल भी नहीं सकतीं हैं। महिला पहलवान शोषण के खिलाफ लड़ रही हैं। क्या ये महिलाएं मोदी के परिवार का हिस्सा नहीं हैं? महिलाएं अब शुभकामनाएं स्वीकार ही न करें। अब महिलाएं महिषासुरमर्दिनी, काली माता का रूप धारण करके इस तानाशाही असुर का मर्दन करें!

मातोश्री पर क्या सत्यनारायण का प्रसाद लेने आए थे
अब भाजपावालों ने एक नई शुरुआत ही की है। वे कहते हैं मैं शिवसेना पक्षप्रमुख नहीं हूं। मेरी अमित शाह को खुली चुनौती है। जनता के सामने आओ और हो जाने दो। पूछो शिवसेना किसकी है, शिवसेना पक्षप्रमुख कौन है? जैसे ही उद्धव ठाकरे ने पूछा कि शिवसेना किसकी है, सभा में एक स्वर से आवाज आई, `बालासाहेब’ की! शिवसेनापक्षप्रमुख कौन हैं…उद्धव ठाकरे, उद्धव ठाकरे, शिवसैनिकों के ऐसे नारों ने आसमान को गुंजायमान कर दिया। आप कहते हो कि मैं पक्षप्रमुख नहीं हूं, फिर साल २०१९ में जब `मातोश्री’ पर सत्यनारायण की पूजा हुई थी, उसमें क्या प्रसाद लेने के लिए आए थे? आपको शिवसेना का वोट चाहिए था। शिवसेना के पक्षप्रमुख के तौर पर ही मुझे आपका आवेदन भरने के लिए अमदाबाद और मोदी का आवेदन भरने के लिए वाराणसी बुलाया गया था। हां, मैं शिवसेना का पक्षप्रमुख हूं ही! यह शिवसेना मेरी पैतृक संपत्ति है। उद्धव ठाकरे ने पूछा कि विधायक, सांसद तो खोके के बल पर तोड़े, लेकिन ये संपत्ति वैâसे तोड़ोगे।
मणिपुर में दुम और महाराष्ट्र में फन
उद्धव ठाकरे ने कल फिर अमित शाह पर जोरदार हमला बोला। देश के गृहमंत्री मणिपुर का मुद्दा आते ही अपनी दुम दबाकर भाग जाते हैं और जब महाराष्ट्र आते हैं तो फन निकालते हैं! हिम्मत है तो मणिपुर, कश्मीर में ईडी, सीबीआई भेजो। उन्हें नहीं पता कि औरंगाबाद का छत्रपति संभाजीनगर और उस्मानाबाद का धाराशिव किसने बनाया। हम दस साल तक भाजपा के साथ सत्ता में रहे। देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे। उस समय नाम क्यों नहीं बदले गए? इस तरह का सवाल उद्धव ठाकरे ने पूछा। धारा ३७० हटने के बाद भाजपा शोर मचा रही है कि कश्मीर ने राहत की सांस ली है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि फिर वे वहां चुनाव कराने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाते। मोदी कश्मीर तो गए, लेकिन लद्दाख नहीं जा सके। उद्धव ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा, क्योंकि वहां लोग मोदी गारंटी के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं।
ये मेरे शिवसेना के बाघ हैं
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे भाषण के लिए जैसे ही खड़े हुए `कौन आया रे…कौन आया…शिवसेना का बाघ आया! `पच्चास खोके…एकदम ओके’… ऐसे गगनभेदी नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। नारों की गूंज शुरू ही थी कि उद्धव ठाकरे ने सांसद ओमप्रकाश निंबालकर और विधायक वैâलाश घाडगे पाटील को करीब बुलाया और उनके कंधों पर हाथ रखकर ये मेरी शिवसेना के बाघ हैं, इनकी निष्ठा अनमोल है, ऐसा कहते हुए उद्धव ठाकरे ने दोनों की पीठ थपथपाई।
यह लड़ाई बेईमानी विरुद्ध ईमानदारी की है
आगामी लोकसभा चुनाव देश का भविष्य निश्चित करनेवाला है। बाघ विरुद्ध सियार, बेईमानी विरुद्ध ईमानदारी, गद्दारी विरुद्ध निष्ठा ऐसी कसौटियां हैं। आप किस ओर से हैं यह आपको निश्चित करना है। आनेवाला चुनाव लोकतंत्र को जिंदा रखनेवाला चुनाव है। बताओ तुम किसकी ओर से हो, बेईमानी या ईमानदारी?

`गद्दारों की छाती पर तांडव करो’ -राऊत
तपती धूप में निष्ठावानों का महासागर उमड़ा है। आज महाशिवरात्रि है, गद्दारों की छाती पर तांडव कर उन्हें हमेशा के लिए गाड़कर शिवसेना का भगवा पुन: महाराष्ट्र पर फहराना है ऐसा आह्वान शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने किया। डरपोक लोगों के लिए शिवसेना नहीं, केवल मर्द ही शिवसेना में रहें। गद्दारों को यह जनता कभी माफ नहीं करेगी। सांसद ओमप्रकाश निंबालकर और विधायक वैâलाश पाटील का खोके पैटर्न नहीं बल्कि ओके पैटर्न है। हम इस पैटर्न को महाराष्ट्र में लागू करेंगे ऐसा भी संजय राऊत ने कहा। भूम स्थित सभा में संजय राऊत ने `खेकड़ा’ फेम स्वास्थमंत्री तानाजी सावंत के भ्रष्टाचार की सूची ही पढ़कर सुना दी। अब इन भ्रष्टाचारियों को जनता ही उनकी असली जगह दिखाएगी ऐसा विश्वास भी राऊत ने व्यक्त किया।

 

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