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शिवसेना महाअधिवेशन में उद्धव ठाकरे का आह्वान … हिम्मत हो तो आमने सामने लड़ो!

सामना संवाददाता / मुंबई
सिर्फ जय श्रीराम नहीं, बल्कि भाजपा मुक्त जय श्रीराम का नारा बुलंद करना होगा। इस तरह का जोरदार हमला शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल किया। प्रभु श्रीराम सत्यवादी और एकनिष्ठ थे। फिर जिस शिवसेना ने तुम्हें सत्ता की गद्दी पर पहुंचाया, उस शिवसेना को दिए वचन को तोड़नेवाले तुम रामभक्त वैâसे हो सकते हो, ऐसा सवाल भी उद्धव ठाकरे ने भाजपा नेतृत्व से किया। सातपुर के होटल डेमोक्रेसी में कल शिवसेना का राज्यव्यापी महाधिवेशन हुआ। महाधिवेशन में राज्यभर से प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस दौरान मार्गदर्शन करते हुए उद्धव ठाकरे ने भाजपा और घातियों पर जमकर हमला करते हुए आगे की लड़ाई का मूलमंत्र पदाधिकारियों और शिवसैनिकों को दिया।

शिवराय की मोदी से तुलना नहीं हो सकती
‘‘श्रीराम का मुखौटा पहनकर रावण घूम रहा है। उसके मुखौटे को फाड़ना है। अंधभक्तों की बुद्धि का मैं सम्मान करता हूं। हालांकि, किसी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना प्रधानमंत्री मोदी के साथ की। लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना प्रधानमंत्री मोदी के साथ हो ही नहीं सकती,’’ इन शब्दों में उद्धव ठाकरे ने मोदी की तुलना शिवराय से करनेवाले गोविंदगिरी महाराज को सुनाया।
शिवसेना को भगानेवालों के रखवालों का वध करेंगे ही
शिवसेना नेता संजय राऊत के भाषण का उल्लेख करते हुए उद्धव ठाकरे ने शिवसेना की चोरी करनेवालों को आड़े हाथों लिया। अब हमें भी रखवालों का राजनीतिक वध करना होगा। क्योंकि उन्होंने हमारी शिवसेना का हरण किया है। जिन्होंने मेरे भगवा के साथ धोखा किया, अपनी खुद की, स्वामित्व की शिवसेना को भगानेवाले कोई भी हो, रखवाले हों या उनका भी कोई रखवाला हो, उनका राजनीति में वध किए बिना हम नहीं रहेंगे, ऐसा प्रहार उद्धव ठाकरे ने किया।
राम की बात हुई,
अब काम की बात करो
अब सभी राममय हो गया है। राम की बात हो गई, अब काम की बात करो। काम पर चर्चा हो जाने दो। ७५ सालों में कांग्रेस ने क्या किया, ऐसा तुम कहते हो, लेकिन १० सालों में तुमने क्या किया, यह हमारा सवाल है। अब मजबूत देश बनाएंगे, फिर दस साल तक अंडा उबाला क्या? पहले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री दुनियाभर में यात्रा कर रहे थे, लेकिन अयोध्या नहीं गए थे। अब भी वे मणिपुर नहीं गए हैं। किसानों की आत्महत्याएं बढ़ रही हैं। बेरोजगारी बढ़ रही है। किसी को पकड़ते हैं और इनके चलते हमें घर मिला, यह कहलवा रहे हैं। यह साफ झूठ है। यहां तक ​​कि मीडिया को भी दबाव के कारण जो वे कहते हैं, वही लाइव दिखानी पड़ रही है। कई जगह तो विपक्ष के समय केबल भी बंद कर दी जाती है, क्या यही है आपका रामराज्य? उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो आमने-सामने मैदान में आएं।
शिवसैनिक मेरी पैतृक संपत्ति
शिवसैनिक ये मेरी पैतृक संपत्ति हैं, यही परिवारवाद है। शिवसैनिक मुझे विरासत में मिले हैं, चोरी करके नहीं मिले हैं, ऐसा उद्धव ठाकरे ने खुले तौर पर कहा। जो तुम्हारे लिए लड़े, नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने इसलिए हमने भी प्रचार किया, उस समय हम भ्रष्टाचारी नहीं थे। शिवसैनिकों ने खस्ता खाया। मुंबई में जब दंगे भड़के, तब सभी शिवसैनिक सड़कों पर उतर आए। गांव-गांव में हिंदुओं की रक्षा की, उस समय भेदभाव नहीं किया। उद्धव ठाकरे ने मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि पुलिस, सेना ने शिवसैनिकों को रौंदा, उन्हें जेल की सजा काटनी पड़ी, उन वीर शिवसैनिकों की वजह से तुमने दिल्ली देखी, बेचारे भाजपा वालों की वजह से नहीं।
चिंगारी जलाओ, महाराष्ट्र जगाओ
छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में महाराष्ट्र की मिट्टी में तेज का जन्म हुआ है। नवंबर २०१८ में मैं शिवजन्मभूमि शिवनेरी से मुट्ठीभर मिट्टी लेकर रामजन्मभूमि अयोध्या गया और अगले साल खत्म होने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने रामजन्मभूमि का पैâसला सुनाया। मुझे लगता है कि यह इस मिट्टी की महिमा है, ऐसा बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि इसी मिट्टी का कलश आज राज्यभर में ले जाने के लिए दे रहा हूं। जब हरित तूफान आया तो पूर्ण विनाश हुआ। उस समय छत्रपति शिवराय का जन्म महाराष्ट्र में हुआ। ये सच है कि महाराष्ट्र ने देश को बचाया। औरंगजेब और अफजल खान को भी महाराष्ट्र ने मुट्ठीभर मिट्टी दी है। जो भी महाराष्ट्र पर चढ़ाई करने आया, उसे हमने मुट्ठी भर मिट्टी दी है, ये इतिहास है। भाजपा हमें हिंदुत्व और स्वतंत्रता का पाठ न पढ़ाए। हम छत्रपति शिवराय, श्रीराम, भवानी माता के भक्त हैं। शिवजन्मभूमि की मिट्टी में शिवराय के तेज का अंश है, कण है, उसे महाराष्ट्रभर में लेकर जाओ, फिर महाराष्ट्र को जलाओ, महाराष्ट्र को जगाओ, ऐसा आह्वान उद्धव ठाकरे ने शिवसेना जिलाप्रमुखों से किया। वे यानी देश, वे यानी प्रभु रामचंद्र, वे यानी छत्रपति शिवाजी महाराज, ये नहीं हो सकता और हम यह नहीं होने देंगे, ऐसी बात भी उद्धव ठाकरे ने कही।

महाराष्ट्र लड़ेगा लेकिन देश जीतेगा
‘‘हे असे आहे तरीपण हे असे असणार नाही, दिवस अमुचा येत आहे तो घरी बसणार नाही, हे खरं आहे की, आज त्यांनी घेतले सारेच ठेके, पण उद्या त्यांच्या चितेवर एकही रडणार नाही,’’ सुरेश भट के कविता की इस पंक्ति को पढ़ते हुए उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई केवल महाराष्ट्र के लिए नहीं, बल्कि भारतमाता के लिए है। विदेशियों की गुलामी से मुक्त करनेवालों के हम वंशज हैं। तुम स्वतंत्रता के संग्राम में नहीं थे। इसलिए तुम्हारा वंश अलग होगा। यदि तुम हमारे अपने भी होंगे तो तुम्हारी गुलामी में हम भारत माता को फंसने नहीं देंगे। इस तरह चेताते हुए उद्धव ठाकरे ने दृढ़ता से कहा कि महाराष्ट्र लड़ेगा, लेकिन देश जीतेगा।

शिवसेनाप्रमुख का अभिवादन!
गगनभेदी घोषणाओं से गूंजा परिसर

हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे के जन्मदिन पर मंगलवार को शिवसेना का महाधिवेशन शुरू हुआ। प्रारंभ में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवसेनाप्रमुख की प्रतिमा का वंदन किया। इस मौके पर ‘जय भवानी-जय शिवाजी, शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे विजय असो’, जैसे गगनभेदी घोषणाओं से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया। महाअधिवेशन के कारण पहली बार नासिक शहर में उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेनाप्रमुख का अभिवादन समारोह संपन्न हुआ। सातपुर स्थित होटल डेमोक्रेसी में मंगलवार को राज्यव्यापी महाअधिवेशन की शुरुआत में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवसेनाप्रमुख की प्रतिमा का अभिवादन किया। सौ. रश्मि ठाकरे, शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे, शिवसेना नेता दिवाकर रावते, शिवसेना नेता सुभाष देसाई, शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत, शिवसेना सचिव मिलिंद नार्वेकर, शिवसेना नेता चंद्रकांत खैरे, शिवसेना नेता अनंत गीते, शिवसेना नेता व सांसद अरविंद सावंत, शिवसेना नेता व विधायक भास्कर जाधव, शिवसेना नेता व सांसद विनायक राऊत, शिवसेना नेता व सांसद अनिल देसाई, शिवसेना नेता व विधायक एड. अनिल परब, शिवसेना नेता व सांसद राजन विचारे, शिवसेना नेता व विधायक सुनील प्रभु, विधान परिषद के विरोधी पक्षनेता अंबादास दानवे, युवासेना सचिव वरुण सरदेसाई समेत सभी पदाधिकारी शिवसेनाप्रमुख की प्रतिमा के सामने नतमस्तक हुए। ‘शिवसेना जिंदाबाद, जय भवानी जय शिवाजी, हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे का विजय असो’ का जयघोष शुरू था।

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