मुख्यपृष्ठटॉप समाचार४०० पार का विश्वास...फिर जोड़-तोड़ की जरूरत किसलिए?

४०० पार का विश्वास…फिर जोड़-तोड़ की जरूरत किसलिए?

  • उद्धव ठाकरे के जनसंवाद का तूफान

सामना संवाददाता / मुंबई

इस बार आपको लोकसभा चुनाव में चार सौ पार जाने का विश्वास है न, फिर जोड़-तोड़ की जरूरत किसलिए? क्यों घबरा गए हो? हमारे लोगों के पीछे क्यों ईडी, सीबीआई लगा रहे हो? क्या ईडी और सीबीआई आपके घर पर काम करनेवाले नौकर हैं? ईडी और सीबीआई को अपना काम करना चाहिए। ऐसी जोरदार फटकार लगाते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार हमारी ही आ रही है, इस बात का वे ध्यान रखें।
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे इस समय दो दिवसीय बुलढाणा दौरे पर हैं। कल चिखली, मोताला और जलगांव जामोद में जनसंवाद सभा के माध्यम से उन्होंने जनता से संवाद साधा। इस बीच शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने अजीत पवार की सभा में बिरयानी खाने के लिए हुई भीड़ पर तंज कसते हुए कहा कि इस देश में अब जान देनेवाले नहीं, बल्कि जान लेनेवाले व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं। सभाओं में भीड़ इकट्ठा करने के लिए बिरयानी का लालच दिया जा रहा है। लोग बिरयानी खाकर निकल जाते हैं। उन्होंने कहा कि शिवसेना की सभा में लोग खुद ही आते हैं। हमें बिरयानी बांटने की जरूरत नहीं पड़ती है। शिवसेना ने जिसे बड़ा किया वे चले गए लेकिन जिन लोगों ने उन्हें बड़ा किया ऐसे मर्द मावलों की निष्ठावान फौज केवल मेरे पास है। ये ऐश्वर्य गद्दारों के नसीब में नहीं है। उन्होंने कहा कि शिवसेना के धनुष-बाण और पक्ष का नाम चुराया, क्योंकि उनका ऐसा कोई खूबी भरा काम नहीं है। माथे पर लगे कलंक के दाग को वैâसे धोएंगे? इस तरह का सवाल भी उद्धव ठाकरे ने किया। इस सभा में मंच पर शिवसेना के नेता व सांसद संजय राऊत, अरविंद सावंत, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे, संपर्कप्रमुख नरेंद्र खेडेकर, सह संपर्क प्रमुख भास्कर राव मोरे आदि उपस्थित थे।
गुजरात शासित महाराष्ट्र कतई नहीं होने देंगे!
भाजपा पर गरजे उद्धव ठाकरे
गुजरात शासित महाराष्ट्र कतई नहीं होने देंगे!
`सभी परियोजनाएं गुजरात में, क्रिकेट के मैच गुजरात में, उठाओ और दे दो गुजरात को! गुजरात को समृद्ध करना है न, तो करो न, कौन बीच में आ रहा है? लेकिन महाराष्ट्र से झपटकर गुजरात को समृद्ध करोगे तो याद रखो! बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह महाराष्ट्र भाजपा की कमर पर लात मारे बिना नहीं मानेगा।’ इस तरह का जोरदार हमला शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने करते हुए कहा कि वे कतई गुजरात शासित महाराष्ट्र नहीं होने देंगे। सूखा सामने पड़ा है। दोनों फसल हाथ से फिसल गई हैं। पेट भरने के लिए लोग गांव से शहरों की तरफ भाग रहे हैं। शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को द्वार-द्वार जाकर घूमने की बजाय लोगों के हाथों में काम देने पर ध्यान देना चाहिए।
कब करोगे श्री सदस्यों की मौत की जांच?
उद्धव ठाकरे ने कहा कि बुलढाणा, हिंगोली, नंदुरबार समेत राज्य के कुछ स्थानों पर फूड प्वॉइजनिंग की खबरें आई थीं। सालभर पहले ठाणे में भी भीषण धूप और भारी भीड़ की वजह से श्री सदस्यों की मौत हुई थी। इस मामले में सरकार ने कहा था कि मामले की जांच करेंगे। ठेकेदार को करोड़ों रुपए दिए गए, उनके पेट भरे गए, लेकिन निष्पापों की मौत का क्या? उनकी मौतों की जांच कब होगी? यहां भी फूड प्वॉइजनिंग की घटना सामने आई थी। उस समय इलाज के लिए चिकित्सक ही नहीं थे। क्या यही सरकार है?
एक बार सामना हो ही जाने दो
बुलढाणा समेत राज्य के कई स्थानों पर अकाल की परिस्थिति है, लेकिन सरकार अजगर की तरह सुस्त पड़ी हुई है। पिछले सप्ताह बेमौसम बारिश हुई। हमारी सरकार होने के समय भी प्राकृतिक आपदा आई थी, लेकिन उस समय सभी कामों को एक तरफ रखते हुए पहले हमने लोगों तक मदद पहुंचाने का काम किया था। दो लाख रुपए तक कर्ज माफ किए गए थे। सिर्फ घोषणाएं नहीं की थीं, बल्कि प्रत्यक्ष तौर पर उसका क्रियान्वयन भी किया था। उद्धव ठाकरे ने कहा कि हिम्मत है तो मैदान में आओ, एक बार हो ही जाने दो सामना! उन्होंने घातियों को चुनौती देते हुए कहा कि लोगों से ही पूछो कि किसकी सरकार अच्छी थी।
गद्दारों को गारंटी मूल्य, लेकिन किसानों को नहीं
उद्धव ठाकरे ने जोरदार हमला करते हुए कहा कि दिल्ली के मुहाने पर किसान पहुंच रहे हैं। सरकार उनसे बात करने की हिम्मत नहीं दिखा रही है। उल्टे किसानों को रोकने के लिए सड़कें बंद कर दी गईं। किसानों पर गोलियां चलाई जा रही हैं। इस देश में गद्दारों को ५० खोकों का गारंटी मूल्य, लेकिन किसानों की फसलों को गारंटी ही नहीं! खरीफ की दोनों फसलें हाथ से निकल गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना का आधार है। लेकिन बुलढाणा जिले में सैकड़ों गांवों में रोजगार गारंटी योजना के काम ही नहीं शुरू हुए हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार को लेकर द्वार-द्वार और दर-दर भटकने की बजाय यदि मुख्यमंत्री गांव-गांव में रोजगार गारंटी योजना का काम वैâसे चल रहा है, इस पर ध्यान देत्ो तो कम से कम लोगों के पेट भरने की व्यवस्था हो जाती।
कहां गई महाराष्ट्र की जिद?
उत्तर के किसान अपने हक के लिए सड़क पर उतरे हैं। डेढ़ साल पहले इन्हीं किसानों ने मोदी सरकार को झुकाया था। इसे कहते हैं जिद! महाराष्ट्र की यह जिद कहां गई? सिंदखेडराजा यह जिजाऊसाहेब का जन्मस्थान है। जिजाऊ ने हमें देवता दिया, उस देवता ने हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने की ताकत और ऊर्जा दी। हम अगर इसे ही भूल गए तो क्या मतलब? जिजाऊ के जन्मस्थान वाली इस पवित्र भूमि में किसान यदि आत्महत्या की तरफ जा रहे हैं तो उससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है? उद्धव ठाकरे ने कहा कि आत्महत्या करना कोई मार्ग नहीं है।
तानाशाही और एकाधिकारशाही के विरोध में
अटल बिहारी वाजपेयी मोदी को कचरे की कुंडी में डालने निकले थे। उस समय शिवसेनाप्रमुख ने दिलदारी दिखाते हुए उन्हें बचाया था। उस समय राजनाथ सिंह ने मुझे फोन किया था। आज राजनाथ सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है। मोदी को बड़ा-सा हार पहनाया जा रहा है। उस वीडियो में राजनाथ सिंह सिर घुसाते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अमित शाह के इशारे पर राजनाथ सिंह को अपना सिर बाहर निकालना पड़ा। राजनाथ सिंह उस समय अध्यक्ष थे। अध्यक्ष के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम इसी तानाशाही के खिलाफ हैं।
मुंबई का मैच अमदाबाद ले जाना इनका है काम
अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि परिवारवाद को समाप्त करेंगे। उद्धव ठाकरे को अपने बेटे को और शरद पवार को अपनी बेटी को मुख्यमंत्री बनाना है, हां बनाना है ना, लेकिन जनता वोट देगी तो होंगे मुख्यमंत्री। मुख्यमंत्री पद कोई बीसीसीआई का पद नहीं है। आपका ऐसे क्रिकेट में क्या योगदान है। जय शाह का क्या काम है? मुंबई का फाइनल मैच अमदाबाद ले जाना यह उनका काम! इस तरह का जोरदार तंज उद्धव ठाकरे ने कसा। उन्होंने आगे कहा कि हमारी भारत माता डेढ़ सौ साल अंग्रेजों की गुलामी में थी, अब वापस इन गिरोहों की गुलामी में क्या हम उसे फिर से धकेल रहे हैं? बहुत बड़े संघर्ष के बाद जो आजादी मिली है, जिनका आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं है, ऐसे लोगों के हाथ में देश देने वाले हैं क्या? इस तरह का मार्मिक सवाल भी इस दौरान उद्धव ठाकरे ने किया।
भाजपा ने वचन तोड़ा यह अटूट सत्य है
जब मैं कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ गया, तब से मुझ पर तंज कसा जा रहा है, लेकिन हमने यह पैâसला क्यों किया? भाजपा ने हमें दिए गए वचन को तोड़ा, जो अटूट सत्य है। इस कारण ही हमें कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ जाना पड़ा। अमित शाह ने बालासाहेब के कमरे में बैठकर वचन दिया था कि ढाई-ढाई साल पद और जिम्मेदारियों का समान बंटवारा होगा। उद्धव ठाकरे ने गरजते हुए कहा कि उसे आपने ही तोड़ दिया।

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