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धमाकों से दहला उधमपुर! आठ घंटों में दो बसों में दो स्टिकी बमों के धमाकों से फैली दहशत

  • दो व्यक्ति घायल, पुलिस ने कहा और भी हमले हो सकते हैं स्टिकी बमों से

सुरेश एस. डुग्गर / जम्मू

सेना की उत्तरी कमान के मुख्यालय उधमपुर में आठ घंटों के भीतर आतंकियों द्वारा दो यात्री बसों में किए गए दो स्टिकी बमों के हमलों ने इलाके में दहशत फैला दी है। इन दो धमाकों में दो व्यक्ति जख्मी हुए हैं। इन हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का दावा करनेवाली पुलिस का कहना था कि स्टिकी बमों के ऐसे और हमले आतंकियों द्वारा किए जा सकते हैं इसलिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।
आठ घंटों के भीतर हुए दो बम धमाकों ने उधमपुर में सनसनी फैला दी है। इन दोनों बम धमाकों में अब तक दो लोगों के घायल होने की सूचना है। पुलिस का कहना है कि वह इन बम धमाकों के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही है। पहला बम धमाका जहां देर रात १०.४५ बजे के करीब हुआ, वहीं दूसरा बम धमाका आज सुबह ५.४२ बजे उधमपुर बम स्टैंड में खड़ी एक बस में हुआ। दूसरे बम धमाके में किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। इससे पहले कल उधमपुर में सैन्य चौकी के पास पेट्रोल पंप पर खड़ी बस में शक्तिशाली धमाका हुआ था। धमाके से दो बसें क्षतिग्रस्त हो गर्इं, जबकि दो लोग घायल हो गए।
प्रथम दृष्टया इसे आतंकी साजिश माना जा रहा है। सेना, सीआरपीएफ और पुलिस ने इलाके को घेरकर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उधमपुर में पुराने हाइवे पर टीसीपी दोमेल क्षेत्र में बैगड़ा पेट्रोल पंप पर एक मिनी बस समेत छह बसें खड़ी थीं, जबकि दूसरा धमाका आज सुबह करीब पौने ६ बजे पुराने बस स्टैंड के भीतर खड़ी एक बस में हुआ। ये दोनों धमाके एक जैसे ही थे। रात को हुए बम धमाके में जहां कंडक्टर समेत दो लोग घायल हुए, वहीं आज सुबह हुए बम धमाके में किसी के भी घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि धमाका बस के भीतर हुआ है। पेट्रोल पंप के ठीक सामने सेना की चौकी भी है। खुफिया एजेंसियां और पुलिस आतंकी हमले के एंगल से इनकार नहीं कर रहे हैं। हालांकि अभी तक धमाके की वजह साफ नहीं हो पाई है, वहीं इससे कुछ घंटे पूर्व ही नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे पुंछ जिले में एक महिला को चार किलो आईईडी के साथ पकड़ा गया था।
गौरतलब है कि उधमपुर में इसी साल ९ मार्च को कोर्ट कॉप्लेक्स के बाहर एक बम विस्फोट हुआ था। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि १९ लोग घायल हो गए थे। इस बम धमाके में भी स्टिकी बम का इस्तेमाल किया गया था। हमले में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आशंका जताई है कि इन धमाकों में भी स्टिकी बमों का इस्तेमाल किया गया है।

स्टिकी बम अब उधमपुर और कटरा में भी पहुंच गए
पहले भी हो चुके हैं दो धमाके और ले चुके हैं सात की जान

खतरनाक समझे जानेवाले स्टिकी बम अब उधमपुर और कटरा में पहुंच गए हैं। जहां कटरा वैष्णो देवी के तीर्थस्थान का बेस कैंप है तो वहीं उधमपुर में सेना की नार्दन कमान का मुख्यालय है। पिछले नौ महीनों में इन दोनों स्थानों में हुए चार स्टिकी बम धमाके ७ लोगों की जान ले चुके हैं और २० से अधिक जख्मी हुए हैं। कल रात उधमपुर में दो यात्री बसों में स्टिकी बमों के धमाकों से दो व्यक्ति जख्मी हो गए। धमाके इतने शक्तिशाली थे कि बसों के परखच्चे उड़ गए। गौरतलब है कि धमाके सोची समझी साजिश के तहत किए गए थे। ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो इसके लिए बस अड्डा और पेट्रोल पंप को चुना गया था। लेकिन गनीमत यह रही कि धमाके के वक्त बसें खाली थीं। पर इस साल १३ मई को वैष्णो देवी के बेस कैंप कटरा में चलती बस में सवार वे लोग बदकिस्मत निकले थे जिन्हें स्टिकी बम के धमाके ने अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि कई दिनों तक पुलिस इसे इंजन में हुआ धमाका बताती रही लेकिन बाद में आतंकी गुट जम्मू-कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स द्वारा वीडियो जारी कर इस धमाके की जिम्मेदारी ली गई तब पुलिस ने मान लिया कि धमाका स्टिकी बम से किया गया था। ऐसा ही एक अन्य धमाका इसी साल ९ मार्च को उधमपुर में ही उपायुक्त के कार्यालय के बाहर एक रेहड़ी पर हुआ था जिसमें दो की मौत हो गई थी। तब भी इस धमाके को गैस सिलेंडर का विस्फोट बताया गया था पर बाद में जांच से पता चला कि धमाकों के लिए स्टिकी बमों का इस्तेमाल किया गया था। इन धमाकों और पिछले कुछ दिनों से हो रही स्टिकी बमों की बरामदगियों के बाद अधिकारी मानते थे कि प्रदेश में स्टिकी बमों की भरमार है जिनके इस्तेमाल के लिए पाक परस्त आतंकी मौके की तलाश में हैं।
बता दें कि ६ सितंबर को भी उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर से एक हाइब्रिड आतंकी से पहली बार मैग्नेटिक आईईडी (स्टिकी बम) की बरामदगी हुई थी। जबकि इस साल ५ जुलाई को रियासी से पकड़े गए लश्कर आतंकी की निशानदेही पर बरामद दर्जनभर स्टिकी बमों की बरामदगी कोई बड़ी खबर नहीं मानी गई थी जबकि चौंकानेवाली और दहशतजदा करनेवाली खबर यह थी कि ऐसे दर्जनों स्टिकी बमों की प्रदेश में भरमार है जिनका मुख्य निशाना टूरिस्ट व वैष्णो देवी की यात्रा में शामिल होनेवाले श्रद्धालु हैं। खुफिया अधिकारी कहते थे कि वैष्णो देवी यात्रा के साथ-साथ अब टूरिस्टों पर भी स्टिकी बमों का खतरा भयानक तौर पर मंडरा रहा है। सूत्र की मानें तो रियासी से पकड़े गए दोनों आतंकियों ने पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा भी किया था कि दर्जनों आतंकी स्टिकी बमों के साथ दोनों यात्राओं के मार्गों पर घुस चुके हैं और वे सिर्पâ मौके की तलाश में हैं। दरअसल इन मैग्नेटिक आईईडी को बहुत खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसने अफगानिस्तान में भारी तबाही मचाई थी जहां इसका इस्तेमाल टारगेट किलिंग के लिए किया गया था। हालांकि उन्होंने कहा कि कश्मीर में मैग्नेटिक आईईडी का आना कोई गंभीर बात नहीं है क्योंकि सुरक्षा बलों के पास पहले से ही मजबूत निगरानी तंत्र मौजूद है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों को कम करने के लिए पिछले कुछ महीनों में कई बैठवेंâ बुलाई गर्इं हैं।

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