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महाराष्ट्र में बदस्तूर जारी है … आई फ्लू का कहर!

बीमारी को कंट्रोल नहीं कर पा रही ईडी सरकार
पांच लाख से ऊपर पहुंची मरीजों की संख्या
पुणे ने बुलढाणा को किया पीछे
२० जिलों में १० हजार से अधिक हैं मरीज

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में बारिश की शुरुआत होते ही ‘आई फ्लू’ का कहर शुरू हो गया, जो बदस्तूर जारी है। हालांकि, इसे कंट्रोल करने के लिए ईडी सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे तमाम उपाय नाकाम साबित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में कंजक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या पांच लाख से ऊपर पहुंच गई है। इसमें सबसे चौंकानेवाली जानकारी यह सामने आई है कि पुणे ने बुलढाणा को पीछे छोड़ दिया है। इस जिले में कंजक्टिवाइटिस मरीजों की सबसे अधिक संख्या हो गई है। दूसरी तरफ राज्य के २० जिलों में १० हजार के पार आई फ्लू के मरीज पाए गए हैं।
मुंबई और महाराष्‍ट्र समेत हिंदुस्थान के विभिन्न राज्‍यों में इस बार मानसून की बारिश सामान्‍य से ज्‍यादा दिनों तक रही है। अब इसके कुछ प्रतिकूल परिणाम सामने आने लगे हैं। डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि के साथ ही आंखों की समस्‍या में भी भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभागों द्वारा बहुत पहले ही इससे बचने की एडवाइजरी भी जारी की गई है। फिलहाल, महाराष्ट्र में बीते दो महीनों यानी २५ अगस्त तक ‘आई फ्लू’ से पीड़ित मरीजों की संख्या ५,०७,१०७ हो गई है, वहीं प्रदेश के पुणे, बुलढाणा, जलगांव, नांदेड़, अमरावती, चंद्रपुर और परभणी जिलों में इसका सबसे ज्यादा प्रभाव देखा जा रहा है। इसके साथ ही राजधानी मुंबई में इसका सबसे अधिक असर है। अस्‍पतालों में कंजक्टिविटिस की समस्‍या से ग्रसित मरीजों की तादाद पिछले कुछ सप्‍ताह में बढ़ गई है। स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ इसके लिए मौसम को मुख्‍य रूप से जिम्‍मेदार मान रहे हैं।
जिलावार मरीजों का आंकड़ा
अब सबसे ज्यादा मरीजों की बाढ़ पुणे जिले में आई है। यह अब तक ६७,७५१ मामले मिले हैं। इसके बाद बुलढाणा में ४५,८६५ मरीज मिले हैं। इसी तरह जलगांव में २९,४५४, नांदेड में ३५,३३७, अमरावती में २३,१९२, चंद्रपुर में २३,८०१, परभणी में २२,२९३, अकोला में १५,६५४, धुले में १७,२४९, नंदुरबार में १३,७१९, नासिक में १८,४४६, संभाजीनगर में १६,४८७, वर्धा में १४,७६५, नगर में ११,५५६, मालेगांव १०,७२८, लातूर में ११,३५९, हिंगोली में १०,३००, भंडारा में १०,०५४, यवतमाल में १३,०६४, नगर में १०,७९३, सोलापुर में ९,५९२, वसीम में ९,८६५, सोलापुर में ९,५८२, कोल्हापुर में ८,७९६, पालघर ने ८,२९७, नागपुर में ८,२२६, जालना में ७,९४१, सोलापुर में ७,०६९, गोंदिया में ६,८८२, मुंबई में ५,९०७, सांगली में ५,७८१, ठाणे में ५,०९०, धाराशिव में ४,३१८, गढ़चिरौली में ४,१२०, सातारा में ३,५०३, बीड में ३,४३५, रायगढ़ में २,४४८ और रत्नागिरी में ३६३ मरीज मिले हैं।
घर-घर जारी है सर्वे
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग एहतियात के तौर पर आई फ्लू संक्रमण की चपेट में आए क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा घर-घर भेजकर सर्वे करा रहा है। सभी जिलों के लिए स्वास्थ्य शिक्षा का प्रोटोटाइप तैयार कर किया गया है। आई फ्लू प्रकोप वाले क्षेत्रों में स्कूली बच्चों की जांच और इलाज किया जा रहा है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बीमारियों के इलाज के लिए आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं।

ऐसे फैलती है आई फ्लू
आई फ्लू मुख्य रूप से एडीनो वायरस के कारण होता है। यह एक हल्का संक्रमण है। आमतौर पर इसके शिकार रोगी की आंखों का लाल होना, बार-बार पानी निकलना, आंखों में सूजन जैसे लक्षण दिखते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आंख आने के बाद मरीज को चाहिए कि वे खुद को घर पर ही आइसोलेट कर लें। यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से पैâलती है।

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