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ठंडे बस्ते में अंडरग्राउंड लोकल!

  • सीएसएमटी-ठाणे चलाने की थी योजना 
  • २०१८ में डीएमआरसी ने किया था सर्वे

एमआरवीसी को सौंपी थी रिपोर्ट
डीएमआरसी ने सुझाए थे ६ स्टेशन

सुजीत गुप्ता / मुंबई
ठाणे से सीएसएमटी के बीच रोजाना औसतन साढ़े बारह लाख यात्री सफर करते हैं। इस रूट पर होने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए ठाणे से सीएसएमटी ९ डिब्बा मेट्रो टाइप लोकल ट्रेन चलाने की योजना रेलवे की थी। इस योजना को अमल में लाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने बाकायदा सर्वे कर इसकी रिपोर्ट मुंबई रेल विकास कॉरपोरेशन (एमआरवीसी) को सौंपी थी, परंतु लाखों रेल यात्रियों को भीड़ से निजात दिलाने वाली यह योजना ठंडे बस्ते में चले गई है। एमआरवीसी के अधिकारियों की मानें तो लाखों रुपए खर्च कर तैयार की गई इस योजना की सर्वे रिपोर्ट डीएमआरसी से मिलने के बाद बोर्ड पर भी नहीं आ पाई है।
मुंबई रेल विकास निगम ने जुलाई २०१९ में राज्य को ३३.८ किमी अंडरग्राउंड रेल कॉरिडोर योजना का प्रस्ताव भेजा था। इस योजना के अंतर्गत ठाणे से सीएसएमटी के बीच रेल यात्रियों का सफर महज २१ मिनट में तय होना संभव है। इसे एमयूटीपी-४ परियोजना के अंतर्गत अमल में लाया जाना था। ताकि यात्री सेवा का विस्तार करते हुए इस परियोजना की लागत का खर्च राज्य सरकार और रेलवे ५०-५० मॉडल पर वहन कर सकें । इस रेल कॉरिडोर को मेट्रो टाइप ९ डिब्बा रेल की तर्ज पर डिजाइन और ऑपरेट करने की थी। परियोजना की लागत १५,५०६ करोड़ से १७,९६२ करोड़ रुपए आंकी गई थी, जिनमें भूमि अधिग्रहण आदि का समावेश था। ठाणे-सीएसएमटी अंडरग्राउंड रेल परियोजना की रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे राज्य सरकार के पास एमयूटीपी के अंतर्गत मंजूरी के लिए भेजना था। जिसके बाद रेलवे इस परियोजना को नीति आयोग के समक्ष भेजती। तब जाकर इसे यूनियन कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जाना था, फिर २०२०-२१ के आम बजट में इसकी घोषणा होनी थी।
यह परियोजना संभव है या नहीं? दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने २०१८ में इस परियोजना का अध्ययन किया था और रिपोर्ट में ६ स्टेशनों का सुझाव दिया गया था जिनमें सीएसएमटी, दादर, कुर्ला, घाटकोपर, भांडुप और ठाणे स्टेशन का समावेश था। इस परियोजना की अध्ययन रिपोर्ट लाखों रुपए खर्च कर तैयार हुए हैं।

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