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‘कमल’ पर कहासुनी, फिर भिड़े ‘भाजपा-शिंदे’, शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने शहराध्यक्ष के समर्थकों की लात-घूंसों से कर दी पिटाई

सामना संवाददाता / डोंबिवली
राज्य में एक-दूसरे के गले में हाथ डालकर घूमनेवाली भाजपा-शिंदे सरकार के कार्यकर्ताओं के बीच सब कुछ ठीक नहीं है, ऐसा कल कल्याण-पूर्व में दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच हुई जबरदस्त मारपीट से साफ हो गया। दरअसल, दीवार पर ‘कमल’ के निशान के विरोध में शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने भाजपा शहर अध्यक्ष संजय मोरे के समर्थकों की लात-घूंसों से पिटाई कर दी। इस वजह से कल्याण में भारी तनाव का माहौल बन गया है और कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि शिंदे गुट अपनी औकात में रहे, नहीं तो हम उनका काम नहीं करेंगे।
आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश भाजपा ने राज्य के हर वॉर्ड में दीवार पर कमल का निशान बनाकर ‘फिर एक बार मोदी सरकार’ का नारा लिखने का आदेश दिया है। इसी के तहत कल्याण-पूर्व स्थित चक्कीनाका इलाके में एक दीवार पर भाजपा का कमल चिह्न और नारा लिखने का काम किया जा रहा था। उसी समय शिंदे गुट के पूर्व नगरसेवक मल्लेश शेट्टी और विकास चौधरी के समर्थक वहां आए और दीवार पर कमल का निशान बनाने से मना कर दिया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता और शिंदे गुट के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और उनके बीच जमकर बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने चार भाजपा कार्यकर्ताओं की लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई कर दी। कल्याण भाजपा के पूर्व अध्यक्ष संजय मोरे ने आरोप लगाया है कि यह पिटाई पूर्व नगरसेवक मल्लेश शेट्टी और मिशा ग्रुप के पदाधिकारी विकास चौधरी के आदेश पर की गई है।
पुलिस स्टेशन बना भाजपा-शिंदे का अड्डा
दोनों गुटों के बीच जमकर हुए विवाद के बाद कार्यकर्ताओं ने कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, साथ ही पुलिस स्टेशन में नारेबाजी भी की गई। इस विवाद में महिला कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
…वर्ना हाथ-पैर तोड़ देंगे
दोनों गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि भाजपा शहर अध्यक्ष संजय मोरे ने शिंदे गुट को खुली चुनौती दे दी। मोरे ने धमकी दी कि पहले अपने नगरसेवकों को रोकें, नहीं तो उनके हाथ-पैर तोड़ देंगे। स्थानीय भाजपा नेताओं ने भी चेतावनी दी है कि अगर हमारे कार्यकर्ताओं को मौका नहीं दिया गया तो हम गद्दारों का काम नहीं करेंगे।

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