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अराजकता की भेंट चढ़ती यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था! …कभी डॉक्टर पिटते तो कभी मरीज और तीमारदार!

अब स्वास्थ्य मंत्री के जिले में मरीज की मौत के बाद अस्पताल कर्मी से मारपीट, हड़ताल पर बैठे डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य महकमे के मुखिया ब्रजेश पाठक के गृह जनपद में तीमारदारों द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों की पिटाई कर दी गई। राजधानी से सटे जिले हरदोई में सरकारी अस्पताल में सोमवार रात एक मरीज की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के साथ जमकर मारपीट की। पूरी वारदात सीसीटीवी वैâमरे में कैद हो गई। आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने पर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ अस्पताल के बाहर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहात कोतवाली इलाके के सौ शैया संयुक्त अस्पताल का है। जहां १५ जनवरी की शाम करीब ४ बजे अस्पताल के इमरजेंसी में नयागांव मुबारकपुर के रहने वाले ६० साल के संतोष त्रिपाठी को लेकर परिजन पहुंचे थे। इसके बाद डॉक्टर विनोद साहनी और उनके सहयोगी स्टाफ ने मरीज का तुरंत उपचार शुरू किया। ऑक्सीजन लगाते ही कुछ राहत हुई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने की सलाह दी। मगर मरीज के परिजन उग्र होकर यहीं पर इलाज करने की बात करने लगे। आरोप है कि कुछ देर बाद मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी, तो फिर से ऑक्सीजन लगा दी गई। मगर अचानक हार्ट अटैक आ गया। मौजूद डॉक्टरों ने तमाम प्रयास किए, लेकिन मरीज को बचाया नहीं जा सका।
आरोप है कि इसके बाद मरीज के परिजन आलोक त्रिपाठी ने फोन करके १५ से २० लोगों को बुला लिया। उनमें से नीरज सिंह, मधुकर सिंह और अन्य अज्ञात लोग अचानक गाली-गलौज करने लगे और इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर मुरलीधर और सतीश कुमार वार्ड बॉय को घेरकर मारने लगे। फिर सभी लोग धमकी देते हुए चले गए। मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने डीएम, एसपी और सीएमओ को भी अवगत कराया, वहीं अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जाती है और एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है तब तक वे हड़ताल पर ही रहेंगे। अपर पुलिस अधीक्षक नृपेंद्र ने बताया कि मामला थाना कोतवाली देहात अंतर्गत नयागांव के सरकारी अस्पताल का है। वहां पर एक मरीज भर्ती था। उसकी मौत हो गई। इससे उसके परिजन परेशान हो गए और डॉक्टर के साथ कुछ वाद-विवाद और मारपीट की घटना हुई। मामले में पुलिस द्वारा स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।

इसके पहले बीते सप्ताह के सोमवार को राजन पांडेय मां को लेकर माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। रात में अस्पताल के रजिस्टर में उनकी इंट्री की गई। इलाज को लेकर ड्यूटी पर तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉ. कृष्णानंद पासवान से इलाज को लेकर कहासुनी शुरू हुई और मामला धमकी तक जा पहुंचा। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में सोमवार रात करीब ११:३० बजे विवाद के बाद मेडिकल छात्रों ने मारपीट व तोड़फोड़ की। देर रात में हुए विवाद और शोरगुल से मरीज परिजन भी दहशत में आ गए। इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मंगलवार को दो जूनियर रेजिडेंट को हटा दिया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इमरजेंसी में महिला मरीज के इलाज के दौरान तीमारदार और जूनियर डॉक्टर से नोकझोंक हुई। जूनियर डॉक्टर के बुलाने पर हॉस्टल से पहुंचे १०० से अधिक मेडिकल छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। तीमारदार के साथ ड्यूटी पर तैनात आउट सोर्स के साथ ही नियमित तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को पीट दिया। इमरजेंसी में लगभग एक घंटे हाईवोल्टेज ड्रामा चला। पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। विवाद की आशंका को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासनिक भवन और संयुक्त जिला अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।

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