मुख्यपृष्ठनए समाचारयूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल शव भी सुरक्षित नहीं!

यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल शव भी सुरक्षित नहीं!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

मोर्चरी में रखे शव को जानवरों ने नोचा, पहले भी सामने आए हैं कई मामले

राज्य में शवों को सुरक्षित रखने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में मोर्चरी हाउस बनाए गए हैं। मोर्चरी में किसी दुर्घटना, मर्डर या आत्महत्या के दौरान हुई मौत के बाद डेडबॉडी को सुरक्षित रखा जाता है, लेकिन अब मॉर्चरी में भी बॉडी सुरक्षित नही हैं। यहां मोर्चरी में रखे शव की कभी उंगली तो कभी आंख गायब हो जाती है। अब नया मामला झांसी मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित मॉर्चरी में रखे शव को आवारा जानवरों ने नोच डाला। मृतक के परिजनों ने बताया कि शव की आंखें पूरी तरह से नोची हुई थीं, जिसे देखकर वह बुरी तरह से डर गए और तुरंत ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना दी। अस्पताल प्रशासन द्वारा इसकी जांच कराई जा रही है।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में रहने वाले ४२ वर्षीय संजय जैन का शव पोस्टमार्टम के लिए आया था। मृतक के परिजनों ने बताया कि संजय जैन अविवाहित थे और मानसिक रूप से बीमार रहते थे। उन्होंने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया और उनकी हालत खराब हो गई। इसके बाद उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए रख दिया था। परिजन जब शव को देखने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो उन्होंने देखा कि शव की आंखें पूरी तरह से नोची हुई थीं। शव को ऐसी स्थिति में देखकर वे बुरी तरह से डर गए और तुरंत अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना दी।

शव रखने का बॉक्स टूटा

मृतक के भाई सुनील जैन ने बताया कि सुबह ८ बजे बॉडी आई थी। लगभग साढ़े ९ बजे जब हम बॉडी को देखने आए तो उनकी डेड बॉडी पर नोचने के निशान थे। शव की दोनों आंखों पर गहरे जख्मों के निशान थे। शव रखने का बॉक्स टूटा हुआ था। हम चाहते हैं कि भगवान के लिए कोई जल्द ही पोस्टमार्टम करवा दे।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

झांसी मेडिकल के सीएमएस सचिन माहौर ने बताया कि पोस्टमार्टम घर की नाली खुली हुई है, जिसकी वजह से जानवर अंदर घुस गए होंगे। शव को सुरक्षित करने के लिए तीन बॉक्स और एक प्रâीजर दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शव को जानवरों द्वारा नोचने के पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।

गोरखपुर के अस्पताल में शव को चूहों ने कुतरा
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बने मोर्चरी हाउस में एक महिला की डेडबॉडी को रखा गया था। २ दिन बाद शव से आंख गायब थी। मामला सामने आने के बाद सीएमओ डॉक्टर सुधाकर पांडेय और आला अधिकारियों ने जांच कराने की बात कही। हालांकि, बाद में आंख को चूहों ने कुतर दिया कहते हुए पल्ला झाड़ लिया गया। दूसरा मामला जनवरी २०१९ का है। एक हादसे में चाइल्ड लाइन कर्मचारी विवेक कुमार की मौत हो गई। इनकी डेडबॉडी को पोस्टमार्टम कराने के लिए मोर्चरी हाउस में रखा गया था। पोस्टमार्टम के लिए जब बॉडी निकाली गई तो पता चला कि चेहरे को चूहों ने कुतर दिया है। इस मामले के बाद परिजनों ने हंगामा किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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