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योगी बाबा के दावे हुए फेल, उत्तर प्रदेश कोविड रहा झेल! एनसीआर के जिलों में मास्क हुआ अनिवार्य

मनोज श्रीवास्तव/ विक्रम सिंह / लखनऊ। कोरोना महामारी से राज्य मुक्त का ढिढ़ोरा पीटने वाली भाजपा की योगी सराकार के दावे की पोल कम असर वाले वायरस के पैâलने के बाद ही खुल गई है। हकीकत यदि देखी जाए तो कोरोना की पहली लहर में ही योगी के सभी दावे फेल नजर आ गए थे। कोरोना महामारी की मार झेल रही यूपी की जनता को न तो अस्पताल में ऑक्सीजन मिल पा रहा था और न ही इलाज के लिए डॉक्टर ही उपलब्ध थे। इतना ही नहीं झूठ का सहारा लेकर भाजपा की योगी सरकार कोरोना जांच की रिपोर्ट भी छुपाकर कूड़ेदान में फेंक दी गई और जनता के बीच बड़े-बड़े दावे कर अपनी वाहवाही भाजपा सरकार लूटती रही। भाजपा की योगी सरकार मानो झूठ के सहारे ही सत्ता चला रही है। इस सरकार से जनता से कुछ लेना-देना नहीं है। अब फिर एक बार कम असर वाले वायरस पैâलने से यूपी प्रशासन ने एनसीआर के जिलों और लखनऊ में मास्क पहनना जरूरी करने के निर्देश दिया हैं। अपरमुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि एनसीआर के जिलों (गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत) तथा लखनऊ जनपद में सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाया जाना अनिवार्य किया जाए।
एनसीआर में बढ़े कोविड मरीज
बता दें कि विगत २४ घंटे में गौतमबुद्ध नगर में ६५, गाजियाबाद में २० और लखनऊ में १० नए पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। एनसीआर में कोविड पॉजिटिव पाए गए मरीजों के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग के दौरान कोविड के ओमायक्रॉन वैरिएंट की ही पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार संभव है कि केस की संख्या में बढ़ोतरी हो लेकिन अस्पताल में भर्ती होने अथवा मरीज के अति गंभीर होने की स्थिति नहीं होगी। प्रदेश में वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या ६९५ है। विगत २४ घंटों में ८३ हजार ८६४ कोरोना टेस्ट किए गए, जिसमें ११५ नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई।
डॉक्टर नहीं लगा रहे मास्क!
यूपी में कोरोना के बढ़ते ग्राफ के मध्य योगी सरकार ने सात जिलों में मास्क का प्रयोग अनिवार्य तो कर दिया लेकिन कानपुर के मेडिकल कॉलेज में सोमवार को चिकित्सक ही लापरवाह नजर आए। कमिश्नर ने औचक निरीक्षण किया तो चौंक उठे। इमरजेंसी में डॉक्टर ही मास्क नहीं लगा रहे हैं।कमिश्नर ने हालात पर सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कम से कम हॉस्पिटल में तो ध्यान दीजिए। उन्होंने हैलट में चिकित्सा व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान आकलन किया। एसआईसी प्रो. आरके मौर्य, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य प्रो. ऋचा गिरि, नोडल अधिकारी डॉ. मनीष सिंह और सीएमएस डॉ. शुभ्रांश शुक्ला संग आपातकालीन यूनिट की व्यवस्थाओं को लेकर मंत्रणा की। इमरजेंसी में हर रोज मरीजों की भीड़ को देखते हुए डॉक्टरों की ड्यूटी रजिस्टर को चेक करने के निर्देश दिए।
फिर ब़ढ़ने लगे हैं मामले
जनवरी में आई तीसरी लहर के बाद लगातार ११ हफ्तों से मामलों में गिरावट हो रही थी, लेकिन बीते ७ दिनों (११ से १७ अप्रैल) में कोरोना मामलों में ३५ फीसदी का इजाफा हुआ है। हालांकि यह बढ़ोतरी सिर्फ दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दर्ज की जा रही है। रविवार को खत्म हुए हफ्ते में देश में करीब ६,६१० कोरोना केस दर्ज हुए। इससे पिछले हफ्ते में देश में ४,९०० केस मिले थे। कोरोना से होने वाली मौतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले हफ्ते सिर्फ २७ लोगों की कोरोना संक्रमण से जान गई थी। यह २३ से २९ मार्च, २०२० के हफ्ते के बाद किसी हफ्ते में सबसे कम मौतें हैं। इससे पिछले हफ्ते ५४ मौतें दर्ज की गई थीं।
तीन राज्यों में बढ़ रहे केस
दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बीते ७ दिनों में मामलों में तेज बढ़ोतरी हुई है। पिछले हफ्ते दिल्ली में अब तक के सबसे ज्यादा २,३०७ केस मिले। उसके पिछले हफ्ते में दिल्ली में ९४३ केस मिले थे। यानी एक हफ्ते में दिल्ली के कोरोना मामलों में १४५ फीसदी बढ़ोतरी हुई है। उत्तर प्रदेश में बीते हफ्ते ५४० केस मिले थे, जो उसके पिछले हफ्ते के मुकाबले १४१ फीसदी ज्यादा थे। ३ अप्रैल से ९ अप्रैल वाले हफ्ते में उत्तर प्रदेश में २२४ केस सामने आए थे। दोनों ही राज्यों में ज्यादातर नए मामले दिल्ली से सटे यूपी के शहरों में मिल हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने ७ जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। इसमें गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और लखनऊ जिले शामिल हैं।

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