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कोविड संक्रमितों के लिए वैक्सीन हुई बेकार! … टास्क फोर्स का निष्कर्ष

सामना संवाददाता / मुंबई
चीन में कोरोना विस्फोट ने एक बार फिर से दुनिया को चिंतित कर दिया है। मगर हिंदुस्थान में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। देश में बीते २४ घंटों में कोरोना के केवल १९७ मामले ही दर्ज किए गए। शायद यही कारण है कि संयुक्त टास्क फोर्स ने कोरोना रोधी वैक्सीन को लेकर कुछ खास सिफारिश की है। टास्क फोर्स में शामिल तीन प्रमुख स्वास्थ्य संगठनों इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन, इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन और इंडियन एसोसिएशन ऑफ एपिडेमियोलॉजिस्ट के चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम ने रिपोर्ट में कहा है कि कोविड संक्रमितों के लिए वैक्सीन बेकार है। उससे उन्हें कोई फायदा नहीं होनेवाला है।
टास्क फोर्स ने कहा है कि हिंदुस्थान में केवल उन्हीं लोगों के लिए कोविड टीकों की सिफारिश करनी चाहिए जो कभी संक्रमित नहीं हुए हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि जिन लोगों को कोविड संक्रमण हुआ है, उन्हें दो प्राथमिक खुराकों, बूस्टर डोज या किसी भी अतिरिक्त खुराक का लाभ नहीं मिल सकता है क्योंकि संक्रमित हुए व्यक्तियों के दोबारा संक्रमित होने की संभावना कम होती है।
दुरुपयोग को रोकने के लिए स्थापित होना चाहिए तंत्र
संयुक्त टास्क फोर्स की तरफ से कहा गया है कि यह समय महामारी को खत्म करने की घोषणा करने का है। देश की जनता को आश्वस्त करने के साथ ही फार्मास्यूटिकल्स और वैक्सीन उद्योग को मिलकर कोविड अथवा ऐसी किसी अन्य बीमारी के दुरुपयोग से बचाने के लिए तंत्र स्थापित करने की जरूरत है।
किया जा सकता है बेहतर उपयोग
अपने पांचवें संयुक्त बयान में विशेषज्ञों ने कहा है कि महामारी के खिलाफ टीकाकरण का अनावश्यक और तर्कहीन उपयोग संसाधनों और ध्यान को अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यों से हटा देगा। अनावश्यक टीकाकरण के साथ ही अन्य हस्तक्षेपों से बचनेवाले वित्तीय और मानवीय संसाधनों का सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बेहतर उपयोग किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि यह न केवल वर्तमान महामारी से निपटने में मदद करेगा, बल्कि भविष्य की किसी भी अन्य महामारी के लिए भी उपयोगी होगा।
प्राकृतिक संक्रमण से बन रही बेहतर प्रतिरक्षा प्रणाली
संयुक्त टास्क फोर्स ने कहा कि वैश्विक साक्ष्य बताते हैं कि प्राकृतिक संक्रमण मौजूदा टीकों की तुलना में बेहतर और अधिक स्थायी सुरक्षा प्रदान करता है। कुछ प्रमाण हैं, जो बताते हैं कि प्राकृतिक संक्रमण आजीवन प्रतिरक्षा प्रणाली भी पैदा कर सकता है। इसके कोई सबूत नहीं हैं कि केवल टीकाकरण प्राकृतिक संक्रमण की तुलना में बेहतर प्रतिरक्षा प्रणाली पैदा करता है। विशेषज्ञों के अनुसार प्राकृतिक संक्रमण के बाद टीकाकरण से कुछ नुकसान होने की संभावना हो सकती है। हालांकि, यह दुर्लभ है।
अनावश्यक परेशानी को कम करने में मिलेगी मदद
टास्क फोर्स ने यह भी सिफारिश की है कि प्राकृतिक संक्रमण से उबरने के प्रमाण को टीकाकरण प्रमाणपत्र के लिए पर्याप्त विकल्प माना जाए। इसमें यह भी कहा गया है कि पहले से ही खस्ताहाल स्वास्थ्य प्रणाली पर अनावश्यक बोझ और आम आदमी की अनावश्यक परेशानी को कम करने में मदद मिलेगी।
देश में संक्रमण दर
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में पिछले २४ घंटे में कोविड-१९ के १९७ नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही अब सक्रिय मामलों की संख्या २,३०९ हो गई है। मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक कोविड मामलों की कुल संख्या ४.४६ करोड़ दर्ज की गई है। इसके साथ ही कोविड-१९ से देश में अभी तक ५,३०,७२३ लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले २४ घंटों में केरल के एक व्यक्ति की मौत हुई है। देश में अभी तक कुल ठीक होनेवालों की संख्या बढ़कर ४,४१,४७,५५१ हो गई है, जबकि कोविड से मृत्यु दर १.१९ प्रतिशत है। इसी तरह संक्रमण दर ०.१० फीसदी है।

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