मुख्यपृष्ठसमाचारप्रवासी मजदूरों के पलायन से वादी हो रही सूनी....घाटी हुई खूनी!

प्रवासी मजदूरों के पलायन से वादी हो रही सूनी….घाटी हुई खूनी!

• मजदूरों से सुनिए कश्मीर में डर की कहानी
• श्रीनगर स्टेशन पर भूखे-प्यासे फंसे मजदूर
सामना संवाददाता / बगहा । कश्मीर में गैर कश्मीरी मजदूरों पर हो रहे हमले के बाद दहशत पैâल गई है। स्थिति यह है कि दो जून की रोटी की तलाश में यहां आए बाहरी राज्यों के लोग घाटी से भागने लगे हैं। ४० गैर-कश्मीरी मजदूरों का समूह कल श्रीनगर रेलवे स्टेशन पर अपने राज्यों में वापस जाने के लिए इकट्ठा हुआ, जबकि अभी भी चौतरवा थाना स्थित सिकटौर गांव के तकरीबन २०० लोग कश्मीर के लजूरा में फंसे हुए हैं। इसमें ज्यादातर बिहार के हैं। कश्मीर में फंसे एक मजदूर ने बताया कि हम वीडियो बनाकर भेजते हैं तो हमें मार देंगे। हमारे क्वार्टर को यहां लोकल लोग घेर रखा है। हम लोग काम कर रहे थे। इसी दौरान गाड़ी से कुछ लोग आए और दो साथियों पर गोली चला दी। लजूरा में फंसे बिहार के दीना पटेल ने फोन पर बताया कि यहां पर काफी डर का माहौल बन गया है। २४ घंटे से डर की वजह से न तो किसी ने खाना खाया है। खौफ इस कदर है कि सो तक नहीं रहे हैं। डर लगा रहता है कि आतंकी कहीं से आ न जाएं। बता दें कि सोमवार को कश्मीर घाटी में बिहार के दो मजदूरों को आतंकियों ने गोली मार दी थी।
कश्मीर में हैं हालात खराब
बिहार के संतोष ने अपने परिजनों को फोन पर बताया कि उनके अलावा बेचू, सुरेश, राहुल पटेल, नंद किशोर पटेल आदि २०० लोग फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि सुबह सेना के जवान आए थे, लेकिन पॉकेट में एक भी रुपया नहीं है। सभी मजदूरों का लगभग ३ लाख बकाया है। संतोष यादव ने बताया कि हालात खराब हैं। गैर-कश्मीरी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। हम इन परिस्थितियों में कश्मीर में अब नहीं रह सकते।
कश्मीर छोड़ने का ले रहे हैं फैसला
नंद किशोर पटेल ने बताया कि कुछ लोग हमसे कहते हैं कि रुक जाओ, लेकिन हम कश्मीर में वैâसे रह सकते हैं? जब हमें अपने कमरों में भी जाने का खतरा है। अगर यह समस्या खत्म हो जाती है और शांति बहाल हो जाती है, तो हम कश्मीर लौटने के बारे में सोचेंगे।
बागान में काम करते हैं मजदूर
चौतरवा थाना क्षेत्र के सिकटौर और आसपास के गांव से लगभग २५० लोग कश्मीर गए हैं। सभी लोग दैनिक मजदूरी पर काम करते हैं। मजदूरों ने बताया कि सेब के बागान में खाद डालने और निराई करने का काम करते हैं। वहीं कुछ मजदूर घर बनाने के काम में लगे हुए थे लेकिन घटी घटना के बाद सभी घर जाना चाहते हैं।

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