मुख्यपृष्ठटॉप समाचारमोदी पर वरुणास्त्र! कौन खा रहा है मुफ्त की रेवड़ियां? गरीब...

मोदी पर वरुणास्त्र! कौन खा रहा है मुफ्त की रेवड़ियां? गरीब या भगोड़े?

  • भाजपा सांसद ने खुद ही की सरकार को फिर घेरा

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
कहते हैं कि जब वर्तमान झूठ और फरेब की बुनियाद पर खड़ा होता है तो भविष्य में अतीत डराता है। केंद्र  में सत्तारूढ़ भाजपा के साथ आज यही हो रहा है। २०१४ से पहले केंद्र की  सत्ता में आने के लिए भाजपा जिन हथकंडो  को निरंकुश होकर अपनाया था, अब विपक्ष द्वारा उन्हीं हथकांडों  के इस्तेमाल का डर भाजपा को सताने लगा है। इसलिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्ववाली केंद्र  की भाजपाई सरकार कभी विरोधियों की आवाज दबाने के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने के लिए मशक्कत करती है तो कभी संसद में सांसदों द्वारा आमतौर पर इस्तेमाल किए जानेवाले शब्दों पर प्रतिबंध लगाती नजर आती है। इसी साल मार्च महीने में हुए यूपी के विधानसभा चुनाव मुफ्त राशन की रेवड़ी बांटकर जीतनेवाली भाजपा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों ‘रेवड़ी कल्चर’ की आलोचना करने का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं। पीएम मोदी की चतुराई के लिए उन्हीं की पार्टी के सांसद वरुण गांधी भाजपा पर वरुणास्त्र चलाया है। वरुण गांधी ने पीएम मोदी और भाजपा से तीखे सवाल पूछे हैं। बता दें कि कुछ हफ्ते पहले पीएम मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा था। लोगों को (विशेष रूप से युवा) ‘रेवड़ी संस्कृति’ के प्रति आगाह करते हुए उन्होंने ‘रेवड़ी’ संस्कृति को देश के विकास और भलाई के लिए ‘बहुत खतरनाक’ बताया था। प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा था कि आज हमारे देश में ‘मुफ्त की रेवड़ी’ बांटकर वोट बटोरने का प्रयास किया जा रहा है। यह रेवड़ी संस्कृति देश के विकास के लिए बेहद खतरनाक है। इस पर भाजपा नेता और पीलीभीत सांसद वरुण गांधी अपनी ही सरकार को घेरने का प्रयास किया है। वरुण गांधी ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए सवाल किया है कि ‘सरकारी खजाने पर आखिर पहला हक किसका है?’ वरुण गांधी ने कल अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से खुद की सरकार को असहज करने वाला ट्वीट किया है। वरुण ने लिखा, ‘जो सदन गरीब को ५ किलो राशन दिए जाने पर ‘धन्यवाद’ की उम्मीद रखता है। वही सदन बताता है कि ५ वर्षों में भ्रष्ट धनपशुओं का १० लाख करोड़ तक का लोन माफ हुआ है। ‘मुफ्त की रेवड़ी’ लेने वालों में मेहुल चोकसी और ऋषि अग्रवाल का नाम शीर्ष पर है। सरकारी खजाने पर आखिर पहला हक किसका है?’वरुण ने उक्त बातें वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड द्वारा संसद में भगोड़े कारोबारियों की जारी सूची के आधार पर कहीं। उक्त सूची में बताया गया है कि वर्ष २०१७-१८ से २०२१-२२ के पांच वर्षों में देश के १९,८३, २८० करोड़ रुपए का कर्ज डूब गया।

अन्य समाचार