मुख्यपृष्ठटॉप समाचारस्ट्रीट फर्नीचर घोटाले की जांच करेगा विजिलेंस विभाग ... कीमतों को लेकर...

स्ट्रीट फर्नीचर घोटाले की जांच करेगा विजिलेंस विभाग … कीमतों को लेकर होगी पोल-खोल -आदित्य ठाकरे ने २६३ करोड़ के घोटाले का किया है खुलासा

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई महानगरपालिका के स्ट्रीट फर्नीचर प्रोजेक्ट में २६३ करोड़ का घोटाला सामने आने के बाद भले ही राज्य सरकार ने ठेका रद्द कर दिया हो, लेकिन टेंडर में कीमत तय करने की जांच मनपा का विजिलेंस विभाग ही करेगा। इससे इस घोटाले के असली सूत्रधारों के बेनकाब होने की संभावना पैदा हो गई है। बता दें कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने इस घोटाले का खुलासा किया था। इसके पहले प्रशासन ने कहा कि महानगरपालिका पहले ही स्ट्रीट फर्नीचर प्रोजेक्ट का ठेका रद्द करने का पैâसला कर चुकी है। हालांकि, इस मामले में विजिलेंस विभाग की ओर से पूरा ऑडिट तो नहीं होगा, लेकिन ली गई वस्तु की वास्तविक कीमत और बाजार कीमत की जांच जरूर की जाएगी।

ठेकेदार को फायदा पहुंचाने का उद्देश्य
गौरतलब है कि आदित्य ठाकरे ने परियोजना में लगभग २६० करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है। इस योजना के तहत मनपा मुंबई में हजारों स्ट्रीट बेंच (लगभग ४०,०००) और प्लांटर्स (कंटेनर जिसमें पौधे उगाए जाते हैं) खरीदने के लिए तैयार है। आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाया था कि मनपा इन सभी वस्तुओं को कहां स्थापित करेगी? उन्होंने आगे यह भी कहा कि इन उत्पादों को मनपा द्वारा वॉर्डों की जरूरत के आधार पर खरीदा जाना चाहिए, न कि एक निविदा के माध्यम से। ठाकरे ने दावा किया कि उत्पाद दरों का विवरण ज्ञात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य एक ठेकेदार को फायदा पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि थोक खरीद में छूट शामिल होनी चाहिए थी, न कि कीमत में वृद्धि को लेकर। ठेकेदार को अब पैसा दिया जाएगा, लेकिन उत्पादों के लिए आपूर्ति का समय ३ साल से अधिक हो गया है।

अन्य समाचार