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ग्राम विकास मंत्री महाजन ने माना: बागियों में विभागों के बंटवारे पर है नाराजगी!

  • पाटील, मुनगंटीवार, खाड़े हुए अस्वस्थ

सामना संवाददाता / मुंबई
‘ईडी’ सरकार के विभागों में बंटवारे को लेकर शिंदे गुट में नाराजगी है। इस बात को भाजपा नेता और ग्राम विकास मंत्री गिरीश महाजन ने भी स्वीकार किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अभी भी मंत्रिमंडल का अगला विस्तार बाकी है, उसमें लोगों की नाराजगी के सुर को दूर कर दिया जाएगा। यह सरकार आगामी ढाई साल पूरी सफलता के साथ चलेगी, ऐसा विश्वास भी उन्होंने व्यक्त किया।
गौरतलब है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हुए विभागों के बंटवारे में भाजपा की तुलना में शिंदे गुट के अनेक मंत्रियों को दूसरे दर्जे के विभाग मिले हैं। इस पृष्ठभूमि पर अब संबंधित विभाग के मंत्रियों में नाराजगी व्याप्त है। शिंदे गुट के तीन कैबिनेट मंत्री अपने विभाग से खुश नहीं हैं, ऐसी जानकारी सामने आ रही है। जो मंत्री अपने विभाग से खुश नहीं हैं, उसमें शिंदे गुट के दादा भूसे, संदीपान भुमरे और दीपक केसरकर का समावेश बताया जा रहा है। बताया जाता है कि बंदरगाह और खनन विभाग जैसे दूसरे दर्जे का विभाग दादा भूसे को दिया गया है, जिसको लेकर उन्हें नाराजगी है। इसी प्रकार रोजगार गारंटी, फलोत्पादन जैसे विभाग मिलने के कारण संदीपान भुमरे और स्कूली शिक्षा विभाग मिलने से दीपक केसरकर नाराज बताए जा रहे हैं। दीपक केसरकर को अति महत्वपूर्ण विभाग मिलने की अपेक्षा थी। इसी प्रकार भाजपा के चंद्रकांत पाटील, सुधीर मुनगंटीवार, सुरेश खाड़े को अपेक्षा से कम यानी दोयम दर्जे का विभाग दिया गया है, जिससे वे नाराज बताए जाते हैं। उक्त लोगों के अलावा शिंदे गुट के भरत गोगावाले को उम्मीद थी कि उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान दिया जाएगा, लेकिन कैबिनेट विस्तार में उन्हें स्थान नहीं दिया गया, जिसको लेकर वे अंदर-ही-अंदर नाराज बताए जा रहे हैं। गोगावले को विश्वास है कि अगले मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें अवश्य शामिल किया जाएगा। अगर उन्हें नहीं शामिल किया गया तो शिंदे गुट में बगावत करनेवाले वे पहले विधायक होंगे, ऐसी राजनीति गलियारे में चर्चा है। कैबिनेट मंत्रियों की नाराजगी सामने आने के कारण मुख्यमंत्री शिंदे की परेशानी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। शिवसेना से बगावत करके शिंदे गुट में आए बागी विधायक नाराज होने लगे हैं, इनकी नाराजगी को कैसे दूर किया जाए, यह शिंदे के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
चंद्रकांत दादा, मुनगंटीवार का पार्टी में हुआ महत्व कम
फडणवीस सरकार में चंद्रकांत दादा पाटील राजस्व, सहकारिता, और सार्वजनिक निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जवाबदारी निभा चुके हैं। नई सरकार ने उसकी तुलना में कम महत्वपूर्ण विभाग की जवाबदारी चंद्रकांत दादा पाटील को सौंपी है। भाजपा में उनके महत्व को कम किया गया है। इसी प्रकार फडणवीस सरकार में वित्त मंत्री की जवाबदारी संभाल चुके सुधीर मुनगंटीवार को वन और सांस्कृतिक विभाग तक मर्यादित करके पार्टी के अंदर उनके दबदबे को कम करने का प्रयत्न किया गया है।
खाता कोई भी हो, वह महत्वपूर्ण नहीं -शिंदे
मंत्रियों की नाराजगी पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि विभाग कोई भी हो, वह महत्वपूर्ण नहीं है। इसकी अपेक्षा मंत्रियों को मिलनेवाले विभाग में न्याय कैसा दिया जाता है, यह महत्वपूर्ण है। एक बार मंत्री बनने के बाद उस विभाग तक मर्यादित न रहते हुए राज्य भर के सर्वांगीण विकास और सामान्य जनता को न्याय देने का काम मंत्री करते हैं, ऐसा शिंदे ने कहा।
विभागों का बंटवारा मुख्यमंत्री का अधिकार -फडणवीस
विभागों का बंटवारा करना मुख्यमंत्री का अधिकार है। अपने अनुसार उन्होंने विभागों का बंटवारा किया है। उनके नेतृत्व में हमें जो विभाग मिले हैं, उसे न्याय देने का प्रयत्न हम करेंगे, ऐसा कहते हुए देवेंद्र फडणवीस ने विभागों के बंटवारे से अपनी जवाबदारी झटक ली है।

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