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बांग्लादेश में जारी है हिंसा का दौर क्यों जल रहा है पड़ोसी देश? …सेना ने संभाली कमान 

हिंदुस्थान, अमेरिका हुए सक्रिय
सामना संवाददाता / नई दिल्ली 
इस समय भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से हिंसा का दौर जारी है। बताया जा रहा है कि वहां आम चुनाव कराए जाने को लेकर खूनी घमासान हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकर्ताओं ने राजधानी ढाका में ऐसा उत्पात मचाया कि पूरा शहर जल रहा है। मुख्य विपक्षी दल बीएनपी के कार्यकर्ताओं द्वारा ढाका में जबर्दस्त हंगामा करते हुए करीब ५० गाड़ियों को फूंक दिया गया। १०० से ज्यादा गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की गई। ये हिंसक प्रदर्शन देश में शेख हसीना वाजिद सरकार के खिलाफ है। बीएनपी के समर्थकों ने गुजर रहीं पुलिस और आम लोगों की गाड़ियों पर लाठी-डंडों से धावा बोल दिया। इस उत्पात में करीब ५० गाड़ियां बर्बाद हो गर्इं, जिसमें अकेले १० गाड़ियां पुलिस की बताई जा रही हैं। हिंसा की जो तस्वीरें ढाका से आई हैं, वो बेहद डरा देने वाली और चौंका देने वाली हैं। सोमवार देर रात बीएनपी कार्यकर्ताओं ने चट्टोग्राम के साउथ-ईस्ट बंदरगाह और गाजीपुर में दो खाली बसों में आग लगा दी, इसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, प्रदर्शन के बाद पुलिस फोर्स एक्शन में आ गई और हिंसा में शामिल १४९ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। यही नहीं बीएनपी से जुड़े ४६९ कार्यकर्ताओं के खिलाफ ११ मामले दर्ज कर लिए गए।
सड़क पर उतरी सेना
बांग्लादेश के मुख्य विपक्षी दल बीएनपी के नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद बुलाया है, जिसको देखते हुए सरकार ने अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया है। इसके अलावा पुलिस विभाग और अन्य एजेंसियों की सुरक्षा चौकसी बढ़ाने के लिए कहा है। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने बताया कि देशभर में जवानों को तैनात किया है और सैकड़ों अर्द्धसैनिक बल के जवान राष्ट्रीय राजधानी ढाका में गश्त पर होंगे। बीजीबी के प्रवक्ता ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रमुख राजमार्गों की सुरक्षा के लिए देशभर में बड़ी संख्या में प्लाटून भेजे गए हैं, जबकि शहरों में एंटी रैपिड एक्शन बटालियन के प्रमुख मार्गों पर हाई अलर्ट पर रहेंगे।
धरने के बाद प्रदर्शन हुआ हिंसक
बीएनपी ने शुक्रवार को ही एलान कर दिया था कि वह अगले साल तटस्थ सरकार के जरिए आम चुनाव कराने को लेकर दबाव बनाने के लिए ढाका के कई अहम स्थलों पर शनिवार को पांच घंटे का धरना देगी, लेकिन यह धरना तब हिंसक हो गया, जब पुलिस उन प्रदर्शनकारियों से भिड़ गई।
हसीना के इस्तीफे की मांग 
बीएनपी प्रधानमंत्री हसीना के इस्तीफे और आम चुनाव की मांग कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि मौजूदा सरकार के तहत कोई भी चुनाव निष्पक्ष और विश्वसनीय नहीं हो पाएगा। इसी मांग को लेकर पार्टी के लोग प्रदर्शन के दौरान हिंसक हो गए। फिर पूरे शहर में बवाल मच गया। पुलिस और लोगों में गृह युद्ध छिड़ गया।

आगामी आम चुनाव में हिंदुस्थान की भूमिका 
बांग्लादेश में होनेवाले आम चुनाव में हिंदुस्थान की क्या भूमिका होगी, राजनीतिक दल इस सवाल पर गहन विश्लेषण कर रहे हैं। क्या भारत हमेशा की तरह सत्तारूढ़ अवामी लीग का पक्ष लेगा या तटस्थ भूमिका का पालन करेगा? ऐसा सवाल उठ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका बांग्लादेश सरकार से बार-बार कह रहा है कि आगामी चुनाव मुक्त और निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं। इस बीच अमेरिका ने कहा है कि बांग्लादेश में मुक्त और निष्पक्ष चुनाव आयोजित करने की राह में बाधा पहुंचाएंगे उनको और उनके परिवार के सदस्यों को अमेरिका का वीजा नहीं दिया जाएगा। इस पृष्ठभूमि में हिंदुस्थान के रवैये पर भी मंथन चल रहा है। इसकी वजह यह है कि हिंदुस्थान, अमेरिका का करीबी मित्र है। कई लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शेख हसीना की सरकार पर से दबाव कम करने में हिंदुस्थान किस तरह की भूमिका निभाता है।

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