मुख्यपृष्ठखबरेंवीवीसीएमसी और उसके ठेकेदार मौज में... सफाईकर्मियों की जान हथेली पर!

वीवीसीएमसी और उसके ठेकेदार मौज में… सफाईकर्मियों की जान हथेली पर!

-बिना मास्क, बूट और दस्ताना के उठाते हैं कचरा

संदीप पांडेय / वसई

वसई-विरार महानगरपालिका को साफ और स्वच्छ रखने के लिए ठेकेदारी प्रथा पर कचरा उठवाती है। महानगरपालिका द्वारा नियुक्त ठेकेदार अपने कर्मचारियों से घरों से निकलने वाले कचरे और रोड पर पड़े कचरे को उठवाते हैं। ये कर्मचारियों से कचरा तो साफ करवाते हैं, लेकिन उनकी सेहत का जरा भी ख्याल नहीं रखते। कचरा उठाते वक्त कर्मचारियों को ठेकेदारों से मास्क, दस्ताना और बूट मिलना चाहिए, जबकि ऐसा नहीं है। कर्मचारी भी मजबूरन अपनी जान की परवाह किए बगैर कचरा उठाते हैं। कर्मचारियों के साथ बरती जा रही इस लापरवाही की जिम्मेदार महानगरपालिका है, क्योंकि उसको इस बात की पुष्टि करनी चाहिए कि कचरा उठाने वाले कर्मचारियों को ठेकेदारों से उपयुक्त चीजें मिल रही हैं या नहीं।
ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने के चक्कर में कचरा उठाने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कर्मचारी कचरा उठाने के बाद गीले और सूखे कचरे का वर्गीकरण भी करते हैं। कचरों में बदबू समेत कई अन्य ऐसी चीजें होती हैं, जिससे कर्मचारियों का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। कचरा उठाने वाले कर्मचारियों के पास इतना पैसा नहीं होता है कि वो अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए दस्ताना, मास्क और बूट खरीद सकें। ठेकेदारों को चाहिए कि वो अपने कर्मचारियों को ये सब चीजें दें, लेकिन ठेकेदार नहीं देते हैं। वसई में कचरा उठाने वाले कर्मचारी बिना मास्क, दस्ताने और बूट के ट्रक में पीछे कचरों के साथ खड़े होते हैं।
महानगरपालिका का कचरा उठाने वाले कर्मचारियों के प्रति ऐसे गैर जिम्मेदाराना व्यवहार करना लोगों को बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रहा है। लोगों का कहना है कि महानगरपालिका प्रशासन को स्वच्छता कर्मचारियों के लिए मानवीय साधन दस्ताने, मास्क और जूते जैसी बुनियादी चीजें उपलब्ध करवानी चाहिए। लोगों का यह भी कहना है कि हमारे सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
-पेट पालना मजबूरी
कचरा उठाने वाले एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हम गरीबों का कोई सुनने वाला नहीं है। हमारी गरीबी का फायदा सभी उठाते हैं। हम अपने परिवार का पेट पालने के लिए अपनी जान की परवाह किए बगैर कचरा उठाते हैं। हमें इस बात की जानकारी है कि हम लोगों को मास्क, दस्ताना और बूट मिलना चाहिए, लेकिन हमें नहीं मिलता है।
-हर महीने सौंपा जाता है रिपोर्ट
इस बारे में जब वसई-विरार मनपा के घन कचरा विभाग की उपायुक्त चारू शीला पंडित ने बताया कि ऐसा नहीं है। ठेकेदारों द्वारा हर महीने कचरा उठाने वाले कर्मचारियों को मास्क, दस्ताना और बूट दिया जाता है। इसके लिए सीनियर एसआई हर महीने एक रिपोर्ट भी सौंपता है।

अन्य समाचार