मुख्यपृष्ठग्लैमर‘बेहद रोमांचकारी था!’ : तुनिषा शर्मा

‘बेहद रोमांचकारी था!’ : तुनिषा शर्मा

चंडीगढ़ की रहनेवाली तुनिषा शर्मा अपने शो ‘अलीबाबा- दास्तान ए काबुल’ के कारण चर्चा में हैं। सोनी-सब पर शुरू होनेवाली इस प्रेम कहानी और कॉस्ट्यूम ड्रामा में राजकुमारी मरियम का किरदार तुनिषा निभा रही हैं। पेश है, तुनिषा शर्मा से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

  • इस शो को करने की क्या खास वजह रही?
    इस शो की कहानी बच्चा-बच्चा जानता है और उनके लिए ये सबसे बड़ी दिलचस्प-रोमांचक कहानी है, जिसे वो सालों साल सुनना चाहते हैं। इस कहानी में एक मोहिनी है और दूसरा अहम किरदार है राजकुमारी मरियम का। अलीबाबा गरीबों का मसीहा है, जिसे मरियम दिल दे बैठती है। कुल मिलाकर, अलीबाबा शो करने के दर्जनों कारण हैं।
  • सुना है इस शो के लिए आपको घुड़सवारी सीखनी पड़ी?
    मैं चंडीगढ़ की रहनेवाली हूं। मैंने अपने पहले टीवी शो ‘धरती का वीर पुत्र-महाराणा प्रताप’ के समय ही घुड़सवारी सीखी थी, उस वक्त मेरी उम्र १२ वर्ष थी। आज मेरी उम्र २२ है। मैंने तब घुड़सवारी सीखी, जिसे आज तक भूली नहीं हूं और इस शो के लीड एक्टर सिजान खान की मैंने घुड़सवारी सीखने में मदद की।
  • आपने उन्हें घुड़सवारी सिखाई इसलिए वे आपको उर्दू सिखाएंगे, कुछ ऐसा तय हुआ था क्या?
    जैसा की मैं पहले ही बता चुकी हूं कि मैं चंडीगढ़ से हूं और मैं पंजाबी होने के कारण मेरे उच्चारण में पंजाबी लहजा आ जाता है। अब चूंकि शो में राजकुमारी काबुल की है इसलिए मेरे संवादों में उर्दू के अल्फाज भी आते हैं, जिनका उच्चारण ठीक से करना निहायत जरूरी था। सिजान खान की उर्दू अच्छी है इसलिए उन्होंने मुझे उर्दू की प्रैक्टिस करवाई और मैंने उन्हें घुड़सवारी सिखाई। हालांकि हमारे बीच ‘बार्टर’ वाली बात तय नहीं हुई थी। ये तो शो में एक साथ काम करनेवाले दो कलाकारों के एक-दूसरे के साथ तालमेल की बात है।
  • शो के दौरान और कैसी चुनौतियां रहीं?
    यह एक कॉस्ट्यूम ड्रामा है। दस-बारह घंटे शूटिंग करना, संवाद बोलना और उन्हें रटना कहां आसान है? इस शो की शुरुआती शूटिंग लद्दाख में की गई, जहां मुझे घोड़े पर बैठकर लद्दाख के बर्फीले पहाड़ों में घूमना था। मेरे लिए यह सफर बेहद रोमांचकारी था। सच कहूं तो बिना चुनौतियों के जिंदगी सफल नहीं होती।
  • कैटरीना कैफ से आपकी तुलना किए जाने पर आप क्या कहेंगी?
    मेरे करियर की शुरुआत फिल्म ‘फितूर’ से हुई, जिसमें मैंने कैटरीना के बचपन का रोल निभाया था। उस वक्त मेरी उम्र १२ वर्ष थी। फिल्म ‘बार बार देखो’ में भी मैंने कैटरीना के बचपन का रोल निभाया था। उनके और मेरे लुक्स में समानता होने की वजह से मुझे कैटरीना  कैफ कहा जाने लगा। लेकिन मैं नहीं चाहती कि मेरी तुलना उनके साथ हो क्योंकि किसी भी कलाकार से तुलना किए जाने पर नुकसान ही होता है, फायदा नहीं। मेरी दिली ख्वाहिश है कि मेरी पहचान मेरे नाम से बने।
  •  क्या आपका परिवार अभिनय क्षेत्र से जुड़ा हुआ था?
    आज मैं जो कुछ भी हूं अपनी मां की बदौलत हूं। मेरे परिवार में दूर-दूर तक कोई अभिनय से नहीं जुड़ा है। मैं अभिनय करना चाहती थी इसलिए मैंने अपने परिवार से इसके लिए इजाजत लेकर कोशिश की। ऊपरवाले की कृपा से मुझे संघर्ष नहीं करना पड़ा। करियर की शुरुआत में मुझे चार-पांच बड़ी फिल्में मिलीं, लेकिन मेरा किरदार याद रखने लायक नहीं था।

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