मुख्यपृष्ठनए समाचारमैं आऊंगा इससे चिंतित थे! ... संजय राऊत का घातियों पर तंज

मैं आऊंगा इससे चिंतित थे! … संजय राऊत का घातियों पर तंज

सामना संवाददाता / मुंबई
पत्रकार के तौर पर मुख्यमंत्री के पत्रकार परिषद में जाने की इच्छा थी। हालांकि, मैं आऊंगा इसलिए बहुत चिंतित हो गए। उस पत्रकार परिषद में शर्तें लगा दी गर्इं। पत्रकारों को तस्वीर लगाकर पास दिए गए। आपको इतना भय क्यों लग रहा है, ऐसा तंज शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता व सांसद संजय राऊत ने कसा।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद होनेवाली मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्प्रâेंस में जाने की बात शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने पत्रकारों से कही थी। इस कारण भारी खलबली मच गई थी। मुख्यमंत्री की पत्रकार परिषद के बाद संजय राऊत ने सच में मैं आया और गर्दन पर बैठ गया तो? इस अहसास ने ही मुख्यमंत्री को असमंजस में डाल दिया था, ऐसा तंज कसा। इसलिए प्रेस कॉन्प्रâेंस पर पाबंदी लगा दी गई, ऐसा मैंने सुना। इतना ही नहीं अब तक मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्प्रâेंस में कभी भी फोटो लगाकर पत्रकारों को पास देने की बात भी कभी नहीं सुनी गई। इतना ही नहीं जब मैं ‘सामना’ कार्यालय में था, तो सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी बाहर निगरानी कर रहे थे। मुझे कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का फोन आया। शिवसेना नेता चंद्रकांत खैरे, विपक्षी नेता अंबादास दानवे को भी फोन आए। लेकिन यह मामला अब खत्म हो गया है, ऐसा राऊत ने कहा।
अमित शाह का स्वागत करने जा रहे थे…
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने के लिए मैं छत्रपति संभाजीनगर आया था। हम उनका स्वागत करनेवाले थे। लेकिन उन्हें यह पता चल गया और उन्होंने दौरा ही समेट लिया। हमारी भूमिका सख्त थी। इसलिए उन्होंने टकराव टाला और हमारे स्वागत की तैयारियां बर्बाद हो गर्इं, ऐसा संजय राऊत ने कहा।
गोदी मीडिया पर बहिष्कार
‘इंडिया’ गठबंधन ने न्यूज चैनलों के १४ पत्रकारों पर बहिष्कार करने का पैâसला किया है। यह बहिष्कार गोदी मीडिया के लिए है। यह भी संजय राऊत ने स्पष्ट किया। पत्रकारों की भूमिका होनी चाहिए, लेकिन पिछले दस वर्षों में ये पत्रकार एक ही नेता का एजेंडा चला रहे हैं और सवाल केवल विपक्ष से पूछ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए ऐसा नहीं लगता है कि बहिष्कार के पैâसले में कोई गलती हुई है। मंत्रिमंडल की बैठक में असीमित खर्च किया गया, लेकिन इस बैठक से मराठवाड़ा की झोली में क्या आया तो सिर्फ घोषणाएं? वर्ष २०१६ में ४५ हजार करोड़ के पैकेज का एलान किया गया था। अब ५९ हजार करोड़ का पैकेज है। ढाई वर्षों में आपने क्या किया, ऐसा पूछते हैं। उसी सरकार में ये भी मंत्री थे। उनके पास सभी महत्वपूर्ण विभाग थे। इसलिए महाराष्ट्र की अधोगति के लिए ये ‘घाती’ ही जिम्मेदार हैं, ऐसा राऊत ने जोर देकर कहा।
कश्मीर के शहीदों को
श्रद्धांजलि देना नहीं सूझा
मंत्रिमंडल की बैठक के कारण छत्रपति संभाजीनगर में लोगों का क्या हाल हुआ, यह मैंने अपनी आंखों से देखा। खोकों के कारण विधायक वैâसे बेकार हो गए, यह भी देखा। लोगों का सरकार पर आक्रोश है। क्रांति चौक पर कश्मीर में शहीद हुए चार जवानों को श्रद्धांजलि दी, लेकिन सरकार को इन शहीदों के लिए चार आंसू बहाया जाए, ऐसा भी नहीं लगा, ऐसा तंज संजय राऊत ने कसा।

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