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पानी कटौती का टलेगा संकट … ७ जलाशयों में जमा हुआ सालभर का पानी! …१३,९२,३९३ मिलियन लीटर पानी जमा

सामना संवाददाता / मुंबई
बीते सवा महीने से थमा बारिश की फिर से वापसी हो गई है। मुंबई को जलापूर्ति करनेवाले जलाशय क्षेत्रों में जमकर बारिश हो रही है। बताया गया है कि आठ दिनों में मुंबई को जलापूर्ति करनेवाले सभी सातों जलाशयों में और २१ दिनों का पानी जमा हो गया है। इस तरह से अब तक कुल १३,९२,३९३ मिलियन लीटर पानी इकट्ठा हो चुका है। ऐसे में मुंबई में रोजाना हो रही ३,८५० एमएलडी पानी की आपूर्ति को देखते हुए जलाशयों में जमा पानी ३६१ दिन यानी अगले सितंबर तक के लिए पर्याप्त है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले डेढ़ माह से जलाशय क्षेत्रों में बारिश के मुंह मोड़ने से जल भंडारण ९० फीसदी तक नहीं पहुंच पा रहा था। इसलिए मनपा ने १० से २० फीसदी पानी कटौती को लेकर हलचल तेज कर दी थी। हालांकि, अब अच्छी बारिश होने से मुंबई पर छाया पानी कटौती का संकट टलने की उम्मीद जताई गई है।
मुंबई को मोडक सागर, मध्य वैतरणा, अपर वैतरणा, भातसा, तानसा, विहार और तुलसी जलाशयों से रोजाना ३,८५० एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है। इस साल जून में बारिश पर ब्रेक लगने से जलाशयों में जल भंडारण घटकर सात फीसदी तक रह गया था। इसलिए एक जुलाई से १० फीसदी पानी कटौती लागू की गई। लेकिन जुलाई माह में जलाशय क्षेत्रों में वरुणराज की मजबूत उपस्थिति के कारण ८ अगस्त से पानी कटौती रद्द कर दी गई थी। हालांकि, अगस्त माह में बारिश न होने से जलाशयों में जल भंडारण का स्तर नहीं बढ़ पा रहा था। इसलिए १५ सितंबर के बाद ९० फीसदी से कम जल भंडारण होने पर १० से २० फीसदी तक पानी कटौती करने की तैयारी भी मनपा प्रशासन के जल विभाग की ओर से शुरू कर दी गई थी। लेकिन सितंबर की शुरुआत से जलाशय क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है। इसलिए अब कुल जल भंडारण अब ९६.२० फीसदी पर पहुंच गया है।
इस तरह होता है पानी का नियोजन
-मुंबई को पूरे साल जल भंडारण बनाए रखने के लिए एक अक्टूबर को १४,४७,३६३ मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है। इस भंडारण के अनुसार जलापूर्ति की योजना बनाई जाती है।
-पिछले कुछ वर्षों से मानसून के सक्रिय होने में देरी हो रही है। इसके चलते शहर में जलापूर्ति में १० से २० प्रतिशत की कटौती की जाती है।
-पिछले साल भी जल भंडारण ११ फीसदी तक कम हो जाने के कारण २७ जून से पानी की कटौती लागू कर की गई थी। लेकिन दो सप्ताह बाद भारी बारिश के कारण पानी की यह कटौती वापस ले ली गई थी।

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