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महाराष्ट्र पर जल आपात के बादल! …जलाशयों में कम हुआ जल भंडार

मराठवाड़ा में हालात भयावह
मुंबई के जलाशयों में औसत पानी
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में एक तरफ बारिश पर ब्रेक लगने से खेती सूखने लगी है, तो वहीं दूसरी तरफ राज्य के जलाशयों में पानी का भंडार कम होने लगा है। शनिवार को राज्य के सभी जलाशयों में जल भंडारण ६९.७४ फीसदी पर पहुंच गया। हालांकि, मराठवाड़ा में हालात बहुत भयावह हो गई है। दूसरी तरफ मुंबई को जलापूर्ति करनेवाले जलाशयों में औसत पानी है। दूसरी तरफ यदि वरुणदेव फिर से जोरदार हाजिरी नहीं लगाते हैं, तो प्रदेश में ‘जल आपात’ के बादल छा सकते हैं।
कोकण की ११ बड़ी परियोजनाओं में ९०.३९ प्रतिशत जल भंडारण है, जबकि ८ मध्यम आकार की परियोजनाओं में ८६.७३ प्रतिशत और १५४ छोटे आकार की परियोजनाओं में ८० प्रतिशत जल भंडारण है। राज्य के मराठवाड़ा में जलाशयों का पानी सचमुच नीचे तक पहुंच गया है। छत्रपति संभाजीनगर में ४४ बड़े आकार, ८१ मध्यम आकार और ९७५ छोटे आकार के जलाशय हैं। इन सभी जलाशयों में पानी की स्थिति काफी गंभीर है।
पिछले साल
८८ फीसदी भंडारण
पिछले साल इसी दिन राज्य के सभी जलाशयों में कुल ८८.१५ प्रतिशत जल भंडारण था, लेकिन शनिवार तक राज्य के सभी जलाशयों में ६९.४७ प्रतिशत जल भंडारण उपलब्ध है। अगले कुछ दिनों में संतोषजनक बारिश होने पर ही जलाशयों में जल भंडारण बढ़ेगा। राज्य के जल संसाधन विभाग के अधिकारी बारिश न होने से भयावह स्थिति पैदा होने की आशंका जता रहे हैं।

मुंबई में जलाशय की स्थिति
वैतरणा – ८२.६८ फीसदी
मध्य वैतरणा – ९६.१० फीसदी
भातसा – ८६.८२ फीसदी
मोडक सागर – ९५.७६ फीसदी
तानसा – ९९.७२ फीसदी
संभाजीनगर में जलाशय
बड़ी परियोजनाएं- ३७. ६७ फीसदी
मध्यम परियोजनाएं-२२.८२ फीसदी
लघु परियोजनाएं- २१. ११ फीसदी

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