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पानी का कोटा पूरा! एक साल के लिए नो टेंशन; ९२.६२ फीसदी जल हुआ जमा

  • ८ दिनों में बढ़ा १ लाख एमएलडी

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई को जलापूर्ति करनेवाले सातों जलाशय बारिश के जल से जलमग्न हो गए हैं। मनपा प्रशासन के मुताबिक सभी जलाशयों में ९२.६२ फीसदी पानी एकत्रित हो गया है। वहीं चार जलाशय क्षेत्रों में १०० मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। दूसरी तरफ केवल आठ दिनों में जलाशयों के जल स्तर में एक लाख एमएलडी पानी बढ़ा है। ऐसे में मुंबईकरों के सामने फिलहाल एक साल तक पानी को लेकर कोई टेंशन नहीं है।
उल्लेखनीय है कि बारिश के खत्म होने में अभी भी डेढ़ महीने का समय है। इसलिए मुंबईकर पेयजल को लेकर पूरी तरह से निश्चिंत हैं। बता दें कि मुंबई को जलापूर्ति करनेवाले अपर वैतरणा, मोडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार, तुलसी समेत सात जलाशयों में इस समय ९२.६२ फीसदी पानी का भंडारण हो गया है। सातों जलाशयों की कुल क्षमता १४ लाख ४७ हजार ३६३ एमएलडी है, जबकि इस समय कुल १३ लाख ४० हजार ५०८ एमएलडी पानी तालाबों में जमा है।
जलाशयों की वर्तमान स्थिति
मनपा के मुताबिक मोडक सागर और तुलसी १०० फीसदी भर चुके हैं। इसी तरह तानसा ९९.५८ फीसदी, मध्य वैतरणा ९५.१६ फीसदी, अपर वैतरणा ८४.९५ फीसदी, भातसा ९१.८६ फीसदी और विहार ८४.३० फीसदी भर गए हैं। बता दें कि मुंबई में रोजाना ३,९५० एमएलडी जलापूर्ति होती है। ऐसे में मुंबई को जलापूर्ति करने वाले जलाशयों में १४ लाख ४७ हजार ३६३ एमएलडी पानी का भंडारण होना जरूरी है।

मूसलाधार बारिश से बढ़ा जलस्तर
जुलाई में सप्ताह भर हुई मूसलाधार बारिश से जलाशयों के जलभंडारण में भारी वृद्धि हुई है। हालांकि बीच में थमे वरुण देव बीते दो दिनों से जलाशय क्षेत्रों में वापस बरसना शुरू कर दिए हैं। इसके चलते जलाशयों के जल स्तर में फिर से वृद्धि होने लगी है। मनपा प्रशासन के मुताबिक बीते दो सालों की तुलना में इस साल बहुत अधिक जल भंडारण हुआ है। आलम यह है कि सभी जलाशयों के लबालब होने में महज ८ फीसदी पानी की जरूरत है।

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