मुख्यपृष्ठनए समाचार...तो मेट्रो वन के तीन स्टेशनों पर पानी सप्लाई होगी बंद!

…तो मेट्रो वन के तीन स्टेशनों पर पानी सप्लाई होगी बंद!

• मनपा का लगभग ३०० करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स बकाया
•  मेट्रो वन ने रियायत के चक्कर में नहीं चुकाया टैक्स
• २४ प्रॉपर्टी को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू, मनपा ने कहा कोई छूट नहीं
सामना संवाददाता / मुंबई। वर्सोवा से अंधेरी-घाटकोपर के बीच मेट्रो ट्रेन का संचालन करने वाली मुंबई मेट्रो वन लिमिटेड कंपनी ने मनपा को कई स्टेशनों के प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा है, जिसे लेकर मनपा ने सख्त रुख अपनाया है। मनपा ने पहले नोटिस जारी किया था, अब २४ प्रॉपर्टी को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि याद जल्द ही कंपनी ने इसका प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा तो यहां पानी और अन्य मनपा की सुविधाएं रोक दी जाएंगी।

मुंबई की पहली मेट्रो लाइन घाटकोपर अंधेरी-वर्सोवा के बीच मेट्रो ट्रेन का संचालन मुंबई मेट्रो वन लिमिटेड कंपनी द्वारा किया जाता है। इस कंपनी का ७४³ हिस्सा आर इंप्रâा, जो रिलायंस ग्रुप की कंपनी है और २६ प्रतिशत हिस्सा एमएमआरडीए के पास है। इस मेट्रो लाइन का ज्यादातर हिस्सा मनपा में के-पूर्व और के-पश्चिम वॉर्ड में आता है।
इस कंपनी ने अंधेरी से वर्सोवा के बीच आजाद नगर, डीएन नगर और वर्सोवा मेट्रो स्टेशन का प्रॉपर्टी टैक्स मनपा को नहीं भरा है। मनपा इसके पहले भी नोटिस दे चुकी है। लेकिन कोई उचित जवाब नहीं मिलने के बाद मनपा ने अब कंपनी की इस तीनों स्टेशन की २४ प्रॉपर्टी को जब्त करने की शुरुआत कर दी है। यदि इसके बावजूद भी कंपनी ने टैक्स नहीं भरा तो पहले पानी और अन्य संसाधनों की सप्लाई काट दी जाएगी। यदि तब भी नहीं माने तो प्रॉपर्टी कुर्क की जाएगी, ऐसी चेतावनी मनपा ने दी है।
अधिकारियों ने बताया कि कंपनी के पास २२० करोड़ रुपए के-पश्चिम वार्ड का और ८० करोड़ रुपए के-पूर्व वॉर्ड का बकाया है। अधिकारियों ने कहा कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) और मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (एमएमओपीएल) के बीच भुगतान को लेकर विवाद है। दोनों एक-दूसरे पर थोप रहे हैं।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार ने मेट्रो रेल संचालन के लिए सहूलियत दी है। मुंबई मेट्रो वन लिमिटेड कंपनी की प्रवक्ता ने बताया कि मुंबई उच्च न्यायालय के आदेशों के आधार पर १७ अप्रैल २०१८ को महाराष्ट्र सरकार ने मनपा को मेट्रो अधिनियम के तहत सार्वजनिक परिवहन परियोजना को लोकल बॉडी टैक्स में छूट देने का निर्देश दिया है। हालांकि मनपा ने अभी तक महाराष्ट्र सरकार के उन आदेशों का पालन नहीं किया है।
मनपा के कहा कि यह प्राइवेट प्रॉपर्टी है, न कि सरकारी प्रॉपर्टी है। मनपा के-पश्चिम वॉर्ड के सहायक आयुक्त विश्वास मोते के अनुसार हमने बकाए प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए यह कार्रवाई शुरू की है।

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