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हम मुंबई बचा रहे हैं फडणवीस को इसी बात का डर है!… संजय राऊत ने दागी तोप

सामना संवाददाता / मुंबई

इस मोर्चे के लिए रवाना हुए राऊत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिवसेना ने कभी भी विकास का विरोध नहीं किया, लेकिन हम विकास के नाम पर मुंबई को बेचने, मराठी लोगों, किसानों की जमीन देने के लिए मजबूर करने के विरोध में हैं। धारावी परियोजना कोई परियोजना नहीं, बल्कि मुंबई को निगलने का एक तरीका है। मुंबई को निगला जा रहा है। क्या सरकार को धारावी का विकास नहीं करना चाहिए? इतना बड़ा राज्य, इतना बड़ा बजट, इतना बड़ा म्हाडा.. सरकार को पैसा कमाना चाहिए, पैसा सरकारी खजाने में जाना चाहिए। गुजरात से एक व्यापारी आकर महाराष्ट्र का पैसा ले जाता है। क्या ये मुंबई तुम्हारे बाप की है? इस मुंबई के लिए १०६ लोगों ने अपनी जान की शहादत दी है। जो लोग सुपारी लेकर राजनीति करते हैं, उनके दिमाग और कनपटी पर हमेशा सुपारी ही रहती है। हमें सुपारी के बारे में मत सिखाओ। कोकण में हमारी सुपारी की फसल है। किसकी सुपारी कैसे तोड़नी है, वो हमें भी पता है। आगे-पीछे का सवाल ही कहां आता है? ये शिवसेना है, ये कोई सत्ता में शामिल हुआ गुट नहीं है। हम सड़कों पर पैदा हुए हैं, हम सड़कों पर लड़ेंगे। फडणवीस परेशान हैं, क्योंकि उन्हें हजारों करोड़ रुपए का नुकसान होने वाला है। राऊत ने फडणवीस की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें डर है कि हम मुंबई को बचाने जा रहे हैं।

‘महाराष्ट्र की अस्मिता उद्धव ठाकरे ही रख सकते हैं’

इस बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता सुषमा अंधारे ने भी आलोचना करते हुए कहा कि हम भाजपा द्वारा की गई आलोचनाओं पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। किस तरह के विकास की बात की जा रही है। मुझे नहीं लगता कि कोई विकास हो रहा है, लेकिन अडानी को बचाने के लिए ‘सब भूमि अडानी की’ ऐसा प्रयास किया जा रहा है। इसलिए हम भाजपा की आलोचनाओं की ओर ध्यान नहीं देते। महाराष्ट्र की सत्ता और अस्मिता को सिर्फ उद्धव ठाकरे और शिवसेना ही बरकरार रख सकते हैं। अंधारे ने घाती गुट पर इन शब्दों के साथ निशाना साधा, ‘भाजपा में गए हुए सभी गद्दार गुट कभी भी यहां के मराठी लोगों के हितों के लिए बात नहीं कर पाएंगे।’ ऐसा भी अंधारे ने कहा।

‘स्लम का विकास हो या न हो अडानी की दुकान चालू होगी’

इस मोर्चे के दौरान शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता, सचिव सांसद विनायक राऊत ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस दौरान विनायक राऊत ने परियोजना की जानकारी उपस्थित लोगों के सामने पढ़कर सुनाई। उन्होंने बताया कि किस तरह नियमों की धज्जियां उड़ाकर अडानी के गले में धारावी को डाला जा रहा है। आगे उन्होंने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से यह भी पूछा है कि क्या इतने दान के बाद धारावीकरों के लिए ४०० वर्ग फीट का घर वास्तव में उपलब्ध हो पाएगा। अडानी के हर पैâसले को १५ दिनों के भीतर मुंबई मनपा, एमएमआरडीए और अन्य सभी से मंजूरी लेनी होगी। अगर १५ दिन के अंदर मंजूरी नहीं मिली तो भी इसे स्वीकार कर लिया जाएगा और अडानी की गाड़ी आगे बढ़ जाएगी। १०० प्रतिशत स्टैंप ड्यूटी माफी, शहरी विकास विभाग संपत्ति कर माफी, सरचार्ज माफी, डीसीपीआर में रियायतें, एफएसआई चार गुना अधिक फंजेबल, सुधार शुल्क माफी, विकास शुल्क माफी, निरीक्षण शुल्क माफी, साइट पर १० प्रतिशत वाणिज्यिक निर्माण भाजपा की सहकारी समितियों को देना है। अडानी को धारावी को विकसित करने के लिए १७ साल का समय दिया गया है और अगर अडानी १७ साल में विकास नहीं करते हैं तो प्रति वर्ष केवल दो करोड़ का जुर्माना लगाया जाएगा। स्लम का विकास हो या न हो, अडानी की दुकान चालू होगी। अब एक आखिरी सवाल मैं उस नेता से पूछना चाहता हूं जो देवेंद्र फडणवीस और अडानी की रट लगा रहे हैं, क्या आप में यह बताने की हिम्मत है कि क्या आप सच में धारावीकरों को उनके घर के लिए ४०० वर्ग फीट जमीन देने जा रहे हैं? इसके विपरीत, मैं कह रहा हूं कि जिस तरह से फडणवीस अडानी की पैरवी कर रहे हैं। उस हिसाब से धारावी के लोगों को केवल ३०० वर्ग फीट जगह मिलेगी। यदि मेरा यह वाक्य झूठा है तो मैं कोई भी दंड भोगने को तैयार हूं। और अगर यह सच निकला, तो क्या आप अडानी की नौकरी करेंगे, ऐसा सवाल भी विनायक राऊत ने पूछा।

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